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गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर, बाढ़ राहत शिविर का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण, दिए दिशा-निर्देश।

पटना /हाजीपुर (वैशाली ) बिहार

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सड़क मार्ग से पटना के आसपास गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया।इस दौरान उन्होंने जे०पी० गंगा पथ के दीघा घाट से कंगन घाट तक गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया।मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में जे०पी० गंगा पथ के कंगन घाट, गांधी घाट एवं कृष्णा घाट पर रूककर गंगा नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति को देखा और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। अशोक राजपथ को जे०पी० गंगा पथ से मिलानेवाले कृष्णा घाट पर निर्माणाधीन पहुँच पथ की भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली और तेजी से निर्माण पूर्ण करने का निर्देश दिया।गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि गंगा नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुये पूरी तरह अलर्ट रहें और सारी तैयारी पूर्ण रखें। स्थिति की लगातार समीक्षा करते रहें और आवश्यक कार्रवाई त्वरित करें।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री गांधी सेतु होते हुए हाजीपुर पहुँचे तथा हाजीपुर में बनाये गये बाढ़ राहत शिविर का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर वहां की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।बाढ़ राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने वैशाली जिला के जिलाधिकारी को निर्देश देते हुये कहा कि सभी राहत शिविरों में रह रहे लोगों की सुविधाओं का ख्याल रखें। स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग करते रहें।निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने बाढ़ से केले की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि केले की फसल को जो नुकसान पहुंचा है उसका समुचित मुआवजा किसानों को दिया जाय। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग इसका सर्वे कराकर समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करे।मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे और लगातार मॉनिटरिंग करते रहे।निचले इलाकों में जहाँ पानी बढ़ रहा है, संभावित परिस्थितियों पर पूरी नजर रखें।जिलाधिकारी सतत् निगरानी करते रहें। उन्होंने कहा कि अभियंतागण पूरी तरह अलर्ट रहें और वरीय पदाधिकारी स्थल पर कैंप करते रहें। आपदा प्रबंधन विभाग सतत् अनुश्रवण करते रहें कि और क्या-क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो। बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों को एस०ओ०पी० के अनुसार पूरी सहायता उपलब्ध करायी जाय। सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एस०ओ०पी०) के अनुसार सभी जिलों एवं संबद्ध विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं जिसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि नाव संचालन, पॉलिथिन शीट्स, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशुचारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट्स/फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के संबंध में पूरी व्यवस्था रखें ताकि लोगों को तुरंत राहत पहुँचाया जा सके।निरीक्षण के दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री नंद किशोर यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी डॉक्टर चन्द्रशेखर सिंह, वैशाली के जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा, वैशाली जिला के पुलिस अधीक्षक श्री हरकिशोर राय सहित अन्य अधिकारीगण एवं जल संसाधन विभाग के अभियंतागण उपस्थित थे।

Karunakar Ram Tripathi
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