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कविताओं के रस से गूंजेमान हुआ होटल प्रबंधन संस्थान हाजीपुर।

शामिल हुये पद्मश्री डॉक्टर जितेन्द्र कुमार सिंह और पद्मश्री श्री बिमल जैन

हाजीपुर (वैशाली) बिहार

होटल प्रबंधन संस्थान, हाजीपुर (पर्यटन मंत्रलय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी निकाय) में ‘‘हिन्दी दिवस’’ के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं तथा 14 से 28 सितम्बर 2024 तक ‘‘हिन्दी पखवाड़ा’’ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज वैशाली हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सहयोग से होटल प्रबंध संस्थान हाजीपुर में भव्य कवि सम्मेलन-सह-सम्मान समारोह-2024 का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उदघाटन पदमश्री डॉक्टर जितेन्द्र कुमार सिंह, पदमश्री श्री विमल जैन, श्री पूलक मंडल (प्राचार्य), डॉक्टर शशिभूषण कुमार (अध्यक्ष, वैशाली हिन्दी साहित्य सम्मेलन) एवं श्री मुर्तजा कमाल (स0 प्रशासनिक अधिकारी) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सर्वप्रथम संस्थान द्वारा प्रकाशित ई-पत्रिका ‘‘प्रतिबिंब’’ का लोकार्पण उपस्थित पदमश्री अतिथियों के कर कमलों द्वारा किया गया।श्री पूलक मंडल (प्राचार्य) ने सभी सदस्यों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाए देते हुए आज हिन्दी पखवाड़ा से संबंधित विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के बारे में सभी सदस्यों को विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने हिन्दी को भारतीय संविधाान के 8वीं अनुसूची में 22 भाषाओं को स्थान दिया गया है।जिसमें अंग्रेजी शामिल नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि सिविल सेवा में भी हिन्दी भाषी छात्रें का प्रदर्शन बेहतर रहा है।समारोह को संबोधित करते हुए कैंसर रोग विशेषज्ञ पदमश्री डॉक्टर जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि हिन्दी जन जन की भाषा है और समस्त भाषाओं की रानी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें हिन्दी बोलने किसी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हिन्दी का मॉं के समान बताया।पदमश्री श्री विमल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी हमारी अस्मिता से संबंधित है उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में हिन्दी वैश्विक पटल की भाषा बनने की ओर अग्रसर है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर शशिभूषण कुमार (अध्यक्ष वैशाली हिन्दी साहित्य सम्मेलन) ने कहा कि हिन्दी संपर्क की भाषा है और हिन्दी से ही हमें आंतरिक सशक्तीकरण का अनुभव होता है।वर्तमान में बॉलिवुड की भी भूमिका हिन्दी के प्रचार प्रसार में अतिमहत्वपूर्ण है।मुर्तजा कमाल (स0 प्रशासनिक अधिकारी) ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343(1) के अनुसार हिन्दी को राजभाषा का दर्जा मिला है।हमें हिन्दी बोलने और इसका प्रयोग करने में गौरवान्वित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हिन्दी सरल भाषा है और हम सभी को अपने स्तर से सभी जगह इसका अधिक से अधिक प्रयोग करने की कोशिश की जानी चाहिए। मुर्तजा कमाल ने आई एच एम हाजीपुर के विगत माह की राजभाषा हिन्दी की कार्यरिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया की आज संस्थान में हम सभी मिलकर 90 प्रतिशत कार्य हिन्दी में कर रहे हैं और वो दिन दूर नहीं की जब संसदी राजभाषा समिति के निदेश के अनुपालन स्वरूप आई एच एम हाजीपूर में सभी कार्यालीय कार्य 100 प्रतिशत हिन्दी में की जायेगी।श्री कल्याण मुखर्जी(विभागाध्यक्ष-2) ने कहा कि होटल प्रबंध संस्थान में विधार्थियों को मास्टर डिग्री,डिग्री एवं डिप्लोमा विषयों को अंग्रेजी के साथ साथ हिन्दी भाषा मेें भी पढ़ाई जाती है ताकि उन्हें आसानी से समझ में आ सके।श्री अनूपम कुमार (वरीय व्याख्याता) ने अपने कविता के माध्यम से उपस्थित सदस्यों को बताया कि जग 2 पग पर पानी का स्वाद बदल जाता है और 4 पग पर वाणी।ऐसी स्थिति इस विविधतापूर्ण हिन्द क्षेत्र में हिन्दी हम भारतवासियों को एस सूत्र में बॉंधने का काम करती है।श्री अमित कुमार (व्याख्याता) ने कविता के माध्यम से बताया कि हिन्दी का इतिहास भले ही संघर्षपूर्ण रहा है परंतु हिन्दी का वर्तमान हम सभी को मिलकर उज्जवल बनाना है और हम सभी आज यह प्रण लें की हम सभी अपने कार्यस्थल में हिन्दी में ही कार्य करेंगें।श्री संदीपन संकृत्यायन (व्याख्याता) ने हिन्दी शब्द की उत्पत्ति के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा हिन्दी कविता की कुछ पंक्तियॉं सुनाकर सभी उपस्थित लोगों को मुग्ध कर दिया।मंच संचालन डॉक्टर सतीश कुमार साथी एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री अमित कुमार विश्वास ने दिया।कार्यक्रम में श्री पूलक मंडल (प्राचार्य), पदमश्री डॉक्टर जितेन्द्र कुमार, पदमश्री श्री विमल जैन एवं मुर्तजा कमाल (स0 प्रशासनिक अधिकारी) तथा श्री कल्याण मुखर्जी (विभागाध्यक्ष-2) को हिन्दी रत्न सम्मान-2024 से सम्मानित किया गया। साथ ही 7 वरीष्ठ साहित्यकारों को नामित स्मृति सम्मान-2024, 14 साहित्यकारों को साहित्यसेवी सम्मान-2024 एवं अन्य 14 साहित्य प्रेमियों को हिन्दी सेवी सम्मान-2024 से सम्मानित किया गया।जिनमें श्री रत्नेश सिंह, श्रीमती सरस्वती मिश्रा, श्री सत्येश्वर कुमार, श्री अमृतेश कुमार मिश्रा, श्री अनमोल सावरण, श्री प्रवीण कुमार मिश्रा, श्री अशोक कुमार सिंह, डॉक्टर सुधांशु कुमार चक्रवर्ती, श्री आशुतोष कुमार सिंह, श्री मेदिनी कुमार मेनन, डॉक्टर रेणू शर्मा, डॉक्टर अरूण कुमार निराला, श्री नेहाल कुमार सिंह निर्मल, श्री मोईन गिरीडीहवी, डॉक्टर सूर्य प्रकाश उपामयान, सुश्री अल्का श्री, श्री अनिल मितभाषी, डॉक्टर शिवबालक राय प्रभाकर, नन्हा कवि शिवांस युग, डॉक्टर सतीश कुमार साथी, अब्दुल कलाम, दिवाकर दिव्यांग, वीण द्विवेदी, अमित कुमार विश्वास, डॉक्टर राजिव कुमार, कैप्टन जितेन्द्र पटेल, श्री राजिव कुमार मेहता, श्री उमेश कुमार सिंह, श्री मुकेश कुमार, श्री धीरेन्द्र कुमार, डॉक्टर गुल्जारी प्रसाद सिंह, श्री गोविंद वल्लभ रमण, मोहम्मद शाहनवाज़ अता, मोहम्मद आफताब एवं श्री हिमांशू शेखर सहित कुल 35 व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इनमें से बिहार के विभिन्न ज़िलों से आये 15 कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शक दिघा में बैठे लोगों को लगातार तीन घंटे तक बॉंधे रखा। बीच बीच में तालियों को गड़गड़ाहट से सभागार गुंजयमान रहा। कार्यक्रम में श्री सुमित चटर्जी, श्री कल्याण मुखर्जी, श्री अनूपम कुमार, श्री अमित कुमार, श्री संदीपन संकृत्यायन, श्री मुर्तजा कमाल, प्रकाश चन्द्रा, सुश्री मुस्कान,बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ प्रखंड जन्दाहा के अध्यक्ष मोहम्मद अकबर अली सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी व सैकड़ों की संख्या में विधार्थी भी उपस्थित थे।

Karunakar Ram Tripathi
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