सीएमओ ने एमओआईसी समेत 03 का वेतन किया बाधित, सफाईकर्मी का भी एक माह का वेतन रोकने का दिया निर्देश।
महराजगंज, उत्तर प्रदेश
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ श्रीकांत शुक्ला द्वारा अपराह्न 1.20 पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान आपातकालीन सेवाएं संचालित थीं। तीन सिजेरियन के मरीज भर्ती थे और इमरजेंसी में 22 मरीज देखे गए थे। जबकि 13 सिजेरियन प्रसव संपन्न हुआ था और 8 लैब जांच हुआ था।
एमओआईसी डॉ. उमेश चंद, स्टाफ नर्स आनंद यादव, गीता देवी अनुपस्थित थे, जिनका एक दिन का वेतन बाधित किया गया। एसएनसीयू में गंदगी मिलने और निरीक्षण के समय एक भी बच्चा भर्ती नहीं था, जिसपर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एमओआईसी को स्पष्टीकरण देने हेतु निर्देशित किया।अस्पताल की साफ–सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर सीएमओ द्वारा सफाई कर्मी रामाद्या प्रसाद का एक माह का वेतन बाधित करते हुए चेतावनी निर्गत की गई।
वार्ड में औषधि जमीन पर रखा मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए फार्मासिस्ट सिराजुल को चेतावनी पत्र जारी करने का निर्देश दिया। समस्त लैब टेक्नीशियन व एक्स–रे टेकनीशियन का रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने एमओआईसी को निर्देशित किया कि किसी भी चिकित्सक द्वारा यदि बाहर से पैथोलॉजी की जांच या एक्स रे कराया जाता है तो चिकित्सक व बाहरी व्यक्ति को चिन्हित करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट ( FIR) दर्ज कराएं।
सीएमओ ने निर्देशित किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश पर कड़ाई के साथ रोक लगाएं। अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त रखें और सुनिश्चित करें कि सभी चिकित्सक व अन्य स्टाफ समय से ड्यूटी पर आएं। मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था को सुनिश्चित करें। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किया जाएगा।
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