शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
बिहार सरकार केआदेश के आलोक में,अब सभीअंचल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर,अंचलअधिकारी/राजस्वअधिकारी/राजस्व कर्मचारी का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करनाअनिवार्य हो गया है।इसका मुख्य कारण यह है किआम नागरिक का काम के निष्पादन के बारे में जानकारी प्राप्त करने हेतु अंचल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े। अंचलअधिकारी/राजस्व अधिकारी/कर्मचारी के नंबर पर बात करकेआम नागरिकअपने समस्याओं का समाधान निकाला सकेंगे।मोबाइल नंबर प्रदर्शित रहने से लोगअपने-अपने कामों के बारे में प्रत्यक्ष रूप सेअंचल अधिकारी/राजस्वअधिकारी/ कर्मचारी से बात कर सकते हैं।अंचल कार्यालय में मुख्य रूप से जमीनी विवाद, दाखिल खारिज,अंचल का लगान रसीद कटवाने,जाति प्रमाण पत्र,आय प्रमाण पत्र चरित्र प्रमाणपत्र,परिमार्जन प्लस,परिमार्जन प्लस 2, जमीन संबंधी विवादों का निपटारा,खाता खेसरा,रकबा, जमाबंदी ठीक कराने,जमीन के प्लॉट का नक्शा निकालने जमीन मापी कराने इत्यादि अनेक कार्यों के निपटारा हेतु जोअंचल कार्यालय से संबंधित है,इन सभी समस्याओं के निराकरण हेतु मोबाइल नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही संबंधित पदाधिकारी का मोबाइल को कार्यालयकाल में बंद नहीं करना पड़ेगा,स्विच ऑफ नहीं करना पड़ेगा,जब भीआम नागरिक का कॉलअपने कार्य के निष्पादन से संबंधित पूछने के लिएआए तो कार्य की प्रगति के रिपोर्ट देना होगा,उसको जवाब देना पड़ेगा।बिहार सरकार के राजस्व विभाग के मंत्री को यह लगातार पूरे राज्य से शिकायत मिल रही थी कि सभी अंचल कार्यालय में अंचलअधिकारी/राजस्व अधिकारी/राजस्व कर्मचारी नहीं बैठते हैं,उनका मोबाइल बंद रहता है,उनके अटॉर्नी सारा काम करने के लिए पैसा की उगाही करते हैं, पैसा लेकर सारा काम करते हैं,अंचल धिकारी/राजस्व अधिकारी/राजस्व कर्मचारी कार्यालय में बैठते ही नहीं है, उनका मोबाइल स्विचऑफ रहता है,संपर्क नहीं हो पता है,इन्हीं सब आम नागरिकों की परेशानी को देखते हुए
राजस्व भूमि सुधार विभाग के द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है कि सभीअंचल कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर अंचलअधिकारी/राजस्व अधिकारी/राजस्व कर्मचारी का मोबाइल नंबर प्रदर्शित रहना चाहिए।विभाग को यह भी पता चला है कि प्रत्येक अंचल कार्यालय में दलालों, बिचोलियों का राज कायम हो गया है,इन्हीं लोगों के माध्यम से सुविधाशुल्क वसूल की जा रही है,यही लोगअसली अंचलअधिकारी/राजस्व अधिकारी/राजस्व कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं।आम नागरिकों से उनके काम के बदले में दलाली की रकम वसूल की जा रही है,उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।इन्हीं सब कारणों के परिपेक्ष में,ऐसा कदम उठाया गया है।अंचल कार्यालय बेतिया में नित्यदिन हो रहे
भ्रष्टाचार,दलालों और बिचौलियों के द्वारा राशि की उगाही,समय पर काम का निष्पादन नहीं होना,समय पर पदाधिकारी को कार्यालय में नहीं बैठना,जनता की सारी समस्याओं कीअनदेखी करना
जैसे मुख्य समस्याओं को लेकर,जिला के मानवाधिकार सह सामाजिक कार्यकर्ता, सुरैया सहाब ने जिला पदाधिकारी से जनहित में मांग की है कि बेतियाअंचल कार्यालय पर पैनी नजर रखी जाए,साथ ही सप्ताह में एक दिनअपने स्तर से औरअन्य दिन किसी पदाधिकारी के स्तर से बेतियाअंचल के कार्यालय का विधिवत निरीक्षण किया जाए,साथ ही आम जनता की परेशानियों को देखते हुएअंचल कार्यालय बेतिया में सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की जाए ताकि दलालों,बिचौलियों की कारगुजारी पर नजर रखी जा सके,साथ हीआवश्यकता पड़ने पर वस्तुस्थिति की जांच की जा सके।इसअंचल कार्यालय में छोटे-मोटे कामों में भी महीना से 3 महीना तक समय लगाया जाता है,
बिना किसी कारण फाइलों में ऑब्जेक्शन लगाकर लोगों को परेशान करने के नियत से,राशि उगाही करने हेतु दौडाई जाता है,ताकिआम पब्लिक दौड़ने के झंझट से पैसा ही देकरअपना काम कराए,यही मनोवृति,अंचल अधिकारी/राजस्वअधिकारी/राजस्व कर्मचारी की हमेशा रहती है,इस पर अंकुशलगाने की प्रबलआवश्यकता है।
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