-जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी के आयोजन में देश भर से आए इस्लामी विद्वान।
वसीम अकरम कुरैशी
जयपुर, राजस्थान।
वाहिद मेमोरियल वेलफेयर एंड रिलीफ सोसायटी एवं सुन्नी दावते इस्लामी जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में लुहारों का खुर्रा घाटगेट में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया। जिसमें देशभर से दीनी स्कॉलर्स एवं इस्लामी विद्वान शामिल हुए। जिन्होंने नबी-ए-करीम सल्लाहु अलैहि वसल्लम की जीवनी पर विस्तार से व्याख्यान दिए तथा उपस्थित जनसमुदाय से पैगम्बर मुहम्मद साहब के बताए गए सन्मार्ग पर चलने का आह्वान किया। जलसा-ए-सीरतुन्नबी के आयोजित कार्यक्रम में मौलाना सूफी नसीमुद्दीन लियाकती ने पैगंबर साहब के अखलाक कैसे थे, उनकी सीरत के हवाले से नौजवानों को जागरूक किया। आलमी शोहरत नातख्वां मुहम्मद शब्बीर बरकाती ने नातो मन्कबत के जरिए उपस्थित जनसैलाब को नबी सल्लाहु अलैहि व सल्लम के स्नेह, सद्भाव एवं प्रगाढ़ प्रेम के संदर्भ में विस्तार से बताया। वहीं मौलाना कारी गौस मुहम्मद ने कुरान-ए-पाक की तिलावत कर लोगों में एक हसीन समां बांधा। आयोजन की सरपरस्ती मुफ्ती-ए-शहर जयपुर मुफ्ती अब्दुस्सत्तार रजवी सा. ने की। आले रसूल सैय्यद मुहम्मद कादरी सा. की निगरानी में कार्यक्रम हुआ। अध्यक्षता मौलाना कारी गुलाम मोइनुद्दीन कादरी ने की।
कार्यक्रम संयोजक सैय्यद मुहम्मद कादरी सा. और हजरत कारी गुलाम मोइनुद्दीन सा. ने पैगंबर की सीरत पर रोशनी डाली। शोहरा नातख्वां कारी जलालुद्दीन, मौलाना सलमान रजा, कारी मुहम्मद शकील अशरफी, हाफिज शाकिर बरकाती, हाफिज इमरान रजा एवं सैय्यद मुहम्मद अली रजा ने नबी-ए-करीम की बारगाह में खिराज-ए-अकीदत पेश की। दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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