अमित कुमार त्रिवेदी
कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश।
कानपुर महानगर भारतीय योगा पद्धति ने विश्व में अपनी पहचान बनाई है ।जो अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाने लगा । 21 जून 2014 को पहली बार योग दिवस की उत्पत्ति को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दास मोदी के द्वारा की गई है । जिसे धीरे-धीरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में जाना जाने लगा । वही आज देश के विद्यालयों, महाविद्यालयों, कालेजों में भी योग दिवस को पूरी तरह से मनाया जाने लगा । जहां शिक्षकों के द्वारा अपने विद्यालय के छात्र छात्राओं को शामिल कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को और अधिक महत्त्व के बारे में समझाया जाने लगा साथ ही योग की क्रियाविधि को कराकर अपने जीवन को स्वस्थ और खुशहाल बनाने एवं प्रदूषित वातावरण में औषधि के रूप में शारीरिक मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद बताया गया योग के माध्यम से आत्मिक संतुष्टि शांति और शारीरिक क्षमता में वृद्धि ऊर्जावान चेतना के साथ ही मानव जीवन तनावमुक्त होकर जीवन को स्वस्थ एवं खुशहाल बना सकते हैं । इसी को लेकर पनकी के हेलिजर वार्डन स्कूल द्वारा अपने विद्यालय में योगा डे मना कर शिक्षकों व छात्रों ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया गया । इस मौके पर विद्यालय की शिक्षक शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं अभिभावकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
योग कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य मृत्युंजय मिश्रा की उपस्थिति में उप प्रधानाचार्य अंकित सिंह विनीता सिंह एवं श्रीमती विवाह देवस्थली ने कराया ।
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