पुलिस प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक दी दस्तक नहीं मिला इंसाफ।
वसीम अकरम
जयपुर, राजस्थान।
राजधानी जयपुर के सिंधी कैंप स्थित होटल आरको पैलेस में बुधवार को एक प्रेस वार्ता हुई। इस प्रेस वार्ता में राजस्थान के गंगानगर जिले का एक पीड़ित परिवार गत तीन वर्षों से न्याय की गुहार लगाते हुए भटक रहा है। पीडित परिवार ने पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अफसरों से भी अपनी पीड़ा एवं व्यथा मौखिक वलिखित में बताई एवं विस्तारपूर्वक बयान की गई, किन्तु न कोई सुनवाई हुई और ना ही किसी प्रकार का न्याय मिला और ना ही आश्वासन बल्कि प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से दुत्कार व धमकियों से पूरी तरह आहत हुए। तत्पश्चात मुख्यमंत्री स्तर पर न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे, किन्तु वहां से भी निराशा और मायूसी मिली।
पीड़ित गुरप्रीत सिंह ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि आरोपी जतिन्द्र पाल के प्रभाव व दबाव में आकर पुलिस द्वारा मामले में एफआर लगाई गई।जिसमें नकली सटाम्प, नकली व जाली, साईन, नकली नोटेरी
मोहर पुलिस द्वारा पेश किये गये।
12.05.2022 को माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गंगानगर
द्वारा पत्रावली पुनः थाना अधिकारी पुलिस थाना कोतवाली श्रीगंगानगर को इस निर्देश के साथ भेजी गई कि इस प्रकरण का अग्रिम अनुसंधान उच्चाधिकारी से करवाया जाये। लगभग पांच माह बाद हमे एएसपी जय सिंह तंवर के ऑफिस से बुलाया गया व उनके रीडर द्वारा धमकाया गया कि केस वापिस ले लें वरना आप पर कोई मुकमदा दर्ज कर फसाया जायेगा और उन्होने इस मामले की
किसी प्रकार की जांच ना करते हुए एफआर कोर्ट में पेश कर दी गई।
सागरदीप सिंह पुत्र यशपाल सिंह द्वारा लगभग एक माह बाद एसएचओ
कोतवाली जो कि बीकानेर के है उनसे मिलकर एक एफआईआर-512/22 और दर्ज हुई,जिसमें अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई बल्कि सागरपदीप सिंह पर जानलेवा हमला करवाया गया व हमले की एमएलसी होने के बाद एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
विजिलेंस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन।
गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इस सभी घटना की शिकायत 26 अप्रैल 2023 को हमने एडीजीपी दिनेश एमएन
को दी। उन्होने हमें उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया व एसपी गंगानगर से
मिलने को कहा गया जो कि हमसे मिलने को तैयार ही नहीं। यह बात बताने फिर एडीजीपी साहब से मिलने गये तो उनके पीए साहब ने डीजीपी साहब को मिलने
को कहा डीजीपी साहब को भी हमने सारा किस्सा सुनाया और उन्होने भी हमें आश्वासन दिया। फाईल तुरन्त मंगवाने के ऑर्डर दिये। इसके बाद हम लगातार सम्पर्क करते रहे किन्तु कोई कार्यवाही नहीं की गई। 14.06.23 को सम्पर्क करने डीजीपी साहब ने साफ इन्कार कर दिया। फिर हम यह शिकायत लेकर सीएम होम गये। उन्होने हमें विजिलेंस डिप्टी एचपी एसपी ने जल्द कार्यवाही करने का आश्वासान दिया।
पीड़ित गुरप्रीत सिंह बोले हमारा मुख्य उद्देश्य केवल यही है कि हमें सरकार से न्याय मिले और जो भी इसमें आरोपी है उन्हें जल्द से जल्द सजा मिले।
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