अधिवक्ता अन्जय कुमार श्रीवास्तव के बहस पर जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला।
* खराब मोबाइल वापस लेकर नया देने का आदेश।
* क्षतिपूर्ति के रुप में अदा करना होगा रुपए 30 हजार।
अन्जय श्रीवास्तव एडवोकेट
संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश।
आनलाइन खरीदे गए खराब मोबाइल को वारंटी पीरियड में मरम्मत न करना फ्लिप कार्ट व रियलमी कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व सदस्य सुशील देव तथा महिला सदस्य श्रीमती संतोष ने बुधवार को खराब मोबाइल सेट बेचने के एक मामले को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए नया मोबाइल सेट देने के साथ क्षतिपूर्ति के रूप में रुपए 30 हजार अतिरिक्त अदा करने का आदेश फ्लिपकार्ट व रियलमी कंपनी को दिया है। मामला कोतवाली खलीलाबाद थानाक्षेत्र मुखलिसपुर रोड का है।
कोतवाली खलीलाबाद थानाक्षेत्र के मुखलिसपुर रोड विधियानी तिराहा निवासी आनंद भारती ने अपने अधिवक्ता अन्जय कुमार श्रीवास्तव के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल कर कहा कि वह दीवानी कचहरी में कार्यरत हैं। उन्हें दिसंबर 2021 में एक मल्टीमीडिया मोबाइल सेट खरीदने की आवश्यकता महसूस हुई। सोशलमीडिया व अन्य माध्यमों से किये जा रहे विज्ञापन से प्रभावित होकर उन्होंने रियलमी कंपनी का एक मोबाइल सेट फ्लिपकार्ट के माध्यम से रुपए 20 हजार 999 में खरीदा। क्रय किये गए उक्त मोबाइल के स्क्रीन पर ऊपर की तरफ एक मामूली बिंदु जैसा धब्बा पड़ा हुआ था। वह कुछ समय के बाद थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ता गया। टोल फ्री फोन नम्बर पर इस बात की शिकायत करने पर विपक्षीगण के कहे अनुसार वह गोरखपुर में स्थित सर्विस सेंटर गए। वहां मौजूद इंजीनियर द्वारा कहा गया कि इसके मरम्मत में रुपये सात हजार खर्च आएगा। मोबाइल के वारंटी अवधि में होने पर मरम्मत के नाम पर रुपए लगने पर उन्होंने आपत्ति किया। इस पर उनके द्वारा कहा गया कि मोबाइल में विशेष खराबी है, इसमें सामान बदला जाएगा। थक - हार कर न्यायालय में मुकदमा दाखिल करना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों तथा साक्ष्यों का अवलोकन करने के उपरांत फ्लिपकार्ट और रियलमी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा है कि वह 60 दिनों के अंदर खराब मोबाइल को वापस लेकर दूसरा उसी मॉडल का सेट प्रदान करें। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में रुपए 30 हजार अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है। साथ दिनों के भीतर मोबाइल वापस न कर करने पर मोबाइल की संपूर्ण कीमत 20 हजार 999 आठ प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करना होगा।
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