राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा हरियाणा का तीसरा अधिवेशन हुआ सम्पन्न।
नूह, हरियाणा।
डी. आर. डी. ए. हॉल पंचायत भवन में राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा हरियाणा राज्य का तीसरा अधिवेशन हुआ सम्पन्न। जिसकी अध्यक्ष्ता एडवोकेट सनोबर अली कुरैशी राष्ट्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ुरैश कांफ्रेंस ने की तथा अधिवेशन का संचालन समय सिंह एडवोकेट ने किया और मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. एम. के. चेहेल (प्रदेश अध्यक्ष बामसेफ हरियाणा), मुफ़्ती सलीम अहमद कासमी तथा डॉ. अशफाक आलम ने की तथा अधिवेशन के उदघाटन विजय कुमार प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने किया। अधिवेशन का विषय था यूनिफार्म सिविल कोड था तथा भारत में मुस्लिम प्रभावित नेतृत्व की कमी।
सनोबर अली कुरैशी ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा की सविधान में पर्सनल लॉ पर कानून बनाने का प्रावधान एंट्री नंबर 5 लिस्ट 3 में दिया गया है 7 शेडूल की तथा राज्य और केन्द्र को अधिकार दिए गए हैं।
आर्टिकल 44 में सिर्फ संविधान राज्य को कोशिश करने के बारे में कहता है कि राज्य यूनिफार्म सिविल कोड बनाने की कोशिश करे। जबकी आर्टिकल 39 में संविधान राज्य को आदेश देता है कि वो ऐसा कानून बनाये की वे कुछ नागरिको तक सिमित न रहे। परंतु 1950 से अबतक राज्य ऐसे कानून नहीं बना पाए जिसका परिणाम ये हुआ की देश की 77% मुद्रा 1% लोगो के पास है तथा अधिवेशन में ये भी बताया गया की यूनिफार्म सिविल कोड का ताल्लुक सिर्फ मुसलमानो से नहीं है और इस कानून से हर धर्म के लोग और हर जाति के लोग प्रभावित होना तय है।
श्री सनोबर अली ने बताया की धर्म की आज़ादी सभी नागरिको का मौलिक अधिकार है तथा यूनिफार्म सिविल कोड से देश में विकास की गति नहीं बढ़ेगी।
यह मुद्दा पुरे तरीके से राजनीति से प्रेरित है और देश के बहुत ही महत्व पूर्ण मुद्दों से देशवासियो का ध्यान भटकाता हैं। जैसे देश में बढ़ती रोज़गारी, मणिपुर में व्यापक स्तर पर नरसंहार जिसमे हज़ारो देश वासियो को शरणरार्थी कैम्पो में डाला गया तथा देश में अल्पसंख्यक, ओबीसी, एससी /एस टी का प्रतिनिधित्व कम हो रहा है।
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