अंशुल वर्मा
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन आफ सिविल राइट्स (APCR) जो गरीब और पिछड़े लोगों की कानूनी सहायता और मार्गदर्शन, गरीबों के लिए कानूनी सुरक्षा, अन्याय के शिकार लोगों के लिए कानूनी रक्षा और देश व समाज से अन्याय और अत्याचार के अंत के लिए प्रयासरत है। ऐसे वातावरण में जहां समाज के किसी व्यक्ति द्वारा किए गए किसी अपराध के कारण समाज और स्वयं उसके घर परिवार वाले उससे नाता तोड़ लेते हैं, इन स्थितियों में एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ऐसे व्यक्तियों की कानूनी सहायता करती है।
इसी कड़ी में गोरखपुर बिछिया जेल से 1- राजकुमार भारती, थाना कैंट, वाराणसी 2- शिलाजीत साहनी थाना हनुमानगंज, कुशीनगर 3- मुकेश भारती, थाना चिलुआताल, गोरखपुर को रिहा कराया गया।
APCR को-आर्डिनेटर मीना सोनी ने बताया कि गोरखपुर के अध्यक्ष एडवोकेट अनवार आलम कि सहायता से 2 दिन पहले दो लोगों की रिहाई हुई और आज एक आदमी को रिहा कराया गया। रिहा होने वालों के हवाले से उन्होंने बताया कि जेल के अनुरोध पर एपीसीआर ने मामले को गंभीरता से लिया और कैदियों की कानूनी सहायता दिला कर रिहाई दिलाई गई।
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स के प्रदेश सचिव एडवोकेट नज्मुस्साकिब ने बताया कि अभी भी राज्य के विभिन्न जेलों में छमता से अधिक कैदी बंद हैं, और उनमें कई ऐसे गरीब व नादार कैदी भी जेल की मुसीबतें झेल रहे हैं जो मामूली अपराध के कारण सजा भुगत रहे हैं और वो कानूनी बचाओ की ताकत नहीं रखते है। ऐसे कैदियों की कानूनी सहायता करके उन्हें रिहाई दिलाने और सामाजिक जीवन से जोड़ने की जरूरत है ताकि समाज में अपराध का अनुपात कम हो सके।
इस अवसर पर औसाफ अहमद, आफताब अहमद आदि मौजूद थे। इस पूरे मामले में जेल प्रशासन का पूरा सहयोग प्राप्त रहा।
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