शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
सभी कोचिंग संस्थानों के मनमाने रवैये पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इन संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।सरकार का मानना है कि इससे देश में बढ़ रहे छात्रों के आत्महत्या के मामलों में भी कमीआएगी।दिशानिर्देशों के अनुसार,अब कोई भी कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के छात्र का नामांकन अपने संस्थान में नहीं कर सकते। इसके साथ ही कई जरूरी गाइडलाइन्स भी जारी की गई हैं।कोचिंग संस्थानों को साफ निर्देश दिया गया है किअब वो न तो अच्छी रैंक की गारंटी दे सकते हैं,न ही गुमराह करने वाले वादे कर सकते हैं,अब कोचिंग संस्थान स्नातक से कम शिक्षा वाले ट्यूटर को भी नियुक्त नहीं कर सकते हैं। छात्रों का नामांकन सिर्फ सेकेंडरी स्कूल एक्जामिनेशन के बाद ही अब करना होगा। कोचिंग संस्थानों को अब वेबसाइट भी बनानी होगी,इन साइट्स पर ट्यूटरों की शैक्षिक योग्यता, पाठ्यक्रमों को पूरा किए जाने कीअवधि, छात्रावास की सुविधाएं और कितनी फीस ली जा रही है उसका ताजा विवरण भी देना होगा होगा,किसी भी कोचिंग संस्थान का पंजीकरण नहीं होगा,जब तक कि उसके पास काउंसलिंगसिस्टम नहीं होगा।सरकार का मानना है कि अवसाद या तनावपूर्ण स्थितियों में छात्रों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संस्थानों के पास ये तंत्र होना जरूरी है। विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग सेंटर्स को ट्यूशन फीस उचित रखनी होगी,फीस की रसीद भीअनिवार्य होगी। छात्र अपने पाठ्यक्रम की पूरी फीस का भुगतान कर देता है,साथ ही वह पाठ्यक्रम को बीच में छोड़ देता है तो उसे 10 दिनों के भीतर बाकी फीस रिफंड की जाएगी। केंद्र सरकार ने इसी के साथ सुझाव दिया है कि अगर कोचिंग सेंटर ज्यादा फीस वसूलते हैं तो उन पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा,इसके साथ ही संस्थान का पंजीकरण भी रद्द किया जाएगा।इन दिशानिर्देशों के प्रभावी होने के तीन महीनों के भीतर नए एवं पहले से मौजूद कोचिंग सेंटरों कोअब पंजीकरण कराने का भी सरकार ने प्रस्ताव रखा है।
IndiaKhabar is an independent online news portal committed to accurate, timely and responsible journalism.
© 2026 IndiaKhabar. All rights reserved.