भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस हुआ अस्त, भ्रष्टाचारी हुए मस्त।
अंशुल वर्मा
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में बदस्तूर जारी भ्रष्टाचार के विरुद्ध तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन का प्रतिनिधिमंडल सत्याग्रह संकल्प पर 935 दिनों से संघर्षरत है,जिसे दमनकारी शासकीय प्रशासकीय तंत्र द्वारा उपेक्षा का शिकार बनाते हुए न्यायिक व्यवस्थाओं में सत्याग्रहियों का अहिंसात्मक सत्याग्रह में आस्था को आहत करने का समय समय पर अनेकों कुचक्र किया जाता रहा है। जो लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर कुठाराघात हमला है। ऐसा लगता है देश के चारों स्तंभ को भ्रष्टाचार में संलिप्त भ्रष्टाचारियों द्वारा निष्क्रिय व नाकाम कर दिया गया है।
वरना सभ्य समाज में भ्रष्टाचार के विरुद्ध विगत वर्षों से वर्तमान समय तक सत्याग्रहियों को सत्याग्रह के लिए विवश न होना पड़ता, जबकि सत्याग्रहियों द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रचलित सत्याग्रह संकल्प से संबंधित ज्ञापन के बिंदुवार मांगों की उदासीनता पर अहिंसात्मक रूप से शासकीय प्रशासकीय तंत्र के साथ-साथ न्यायिक व्यवस्थाओं का ध्यान आकृष्ट कराने हेतु हर संभव प्रयास किया जा चुका है जो वर्तमान समय में विफल नजर आ रहा है। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि शासकीय तंत्र के संरक्षण में पूरे प्रदेश व देश में भ्रष्टाचार का बीजारोपण करने का अभियान चलाया जा रहा है जिसे छद्दम रूप से विकसित भारत का नाम दिया जा रहा है। जिसे संगठन द्वारा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा, और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सत्याग्रह संकल्प निष्कर्ष परिणाम तक जारी रहेगा।
सत्याग्रह संकल्प पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तबस्सुम, प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पांडे "राजू", वीरेंद्र कुमार वर्मा, रामचंद्र दुबे,राजेश्वर पांडेय,गिरजा शंकर चौधरी, कुशीनगर जिला अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता, महानगर अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, साहेब राम साहनी व अन्य कार्यकर्तागण मौजूद थे।
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