शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
स्थानीय जिला परिषद कार्यालय में विगत 2 सालों से विकास के लिएआवंटित लगभग 35 करोड़ रूपया खातों की शोभा बढ़ा रही है।2 सालों से लंबित 15 में वित्त, पंचम राज्य वित्त योजना, शष्टम राज्य वित्त योजना की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने एवं बिचौलियों एवं दलालों के बढ़ते प्रभाव से अध्यक्ष,उपाध्यक्ष समेत जिला पार्षदों मेंअसंतोष की भावना व्याप्त है। बिचोली एवं दलालों के प्रभाव को कम करने से ही विकास का काम संभव हो सकेगा। विकास कार्यों में तेजी लाकर जिला परिषद का विकास करना होगा,जबकि वित्तीय वर्ष के समाप्ति में मात्र दो महीना ही रह गया है। जिला परिषद केअध्यक्ष, निर्भय कुमार महतो और उपाध्यक्ष रेणु देवी यादव ने कहा है कि अगर जिला परिषद में बिचौलियों का प्रभाव खत्म नहीं हुआ तो जनप्रतिनिधियों के सम्मान के लिए अगर आवश्यकता पड़ी तो हमलोग त्यागपत्र भी दे सकते है,उन लोगों का मानना है कि जिला परिषद क्षेत्र में कुछ आपराधिक तत्व के लोगों का हमेशा जमावड़ा रहता है, जिससे पार्षदअपने काम को कराने के लिए जिला परिषद कार्यालय में आने से कतराते हैं
इस संबंध में जिला परिषद के अध्यक्ष,निर्भय कुमार महतो ने डी एम,कमिश्नर समेत पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि इन्हीं बिचौलियों,दलालों के कारण जिला परिषद के क्षेत्र का विकास संभव नहीं हो पा रहा है,साथ ही विकास भी बाधित है,जबकि खाते में 35 करोड़ रूपया विकास योजना की राशि दो वर्षों से पड़ी हुई है।जिला परिषद के विकास हेतुआवंटित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण विकास का काम बाधित है,जिससे जिला परिषदअध्यक्ष,उपाध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है,अगर यही स्थिति बनी रही तो त्यागपत्र देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है,सभो में असंतोष व्याप्त है।
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