रिपोर्ट - धनंजय शर्मा
बेल्थरा रोड, बलिया।
तहसील बेल्थरा रोड अंतर्गत रौंसड़ा गांव में आज शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ श्री शतचंडी पांच कुंडीय महायज्ञ प्रारंभ हुई।
पीले वस्त्र धारी 501 कुंवारी कन्या और महिलाओं के साथ कलश यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर रौंसड़ा गांव स्थित शिव मंदिर से पावन सरजू के जल के साथ वापस यज्ञ स्थल पहुंची। कलश यात्रा में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु दुर्गा माता की जय, हर हर महादेव,जय श्री राम के उद्घोष कर रहे थे। कलश यात्रा के बाद यज्ञ स्थल पहुंचकर यज्ञ शाला में काशी से पधारे यज्ञाचार्य पंडित कृष्ण मोहन मिश्र के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की।
शनिवार 10 फरवरी से रविवार 18 फरवरी तक चलने वाले श्री शतचंडी पांच कुंडीय महायज्ञ के मध्य बृहस्पतिवार 15 फरवरी को यज्ञ स्थल के समीप नवनिर्मित दुर्गा माता मंदिर में दुर्गा माता मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम विद्वान ब्राह्मणों द्वारा किया जाएगा।
आज से शुरू हो रही महायज्ञ में वृंदावन की रासलीला सहित जाने-माने कथा वाचकों के प्रवचन भी श्रद्धालुओं के लिए सुलभ रहेंगे। नव दिवसीय श्री शतचंडी पांच कुंडीय महायज्ञ के कलश यात्रा में आज हजारों पुरुष, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। रविवार 18 फरवरी को विशाल भंडारे के बाद महायज्ञ का समापन होगा।
इस अवसर पर ब्रह्मलीन संत श्री श्री 1008 रामसागर दास जी महाराज के परम शिष्य ब्रह्मचारी बलराम सागर दास जी, श्री श्री 108 रामनाथ दास जी, कपिल देव दास जी, आनंद स्वरूप महाराज, दुर्गा माता मंदिर के मुख्य पुजारी घनश्याम दास, प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार, यज्ञ समिति के बृजेश कुमार श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, सत्येंद्र शर्मा, प्रमोद राजभर, हरिकृष्ण मोहन, दामोदर शर्मा, आनंद रावत, सदरे आलम, राम भवन, रूपेश यादव, मुस्तफा ( गुड्डू ) सहित महा यज्ञ को अपने वैदिक मंत्रोच्चार से सफल बनाने के लिए यज्ञाचार्य पंडित कृष्ण मोहन मिश्र, सहायक डॉक्टर विवेक मिश्रा, दिव्यांशु मिश्रा, अजय शुक्ला, दीपू शुक्ला, वेदाचार्य सुरज शास्त्री, निखिल मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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