शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
स्थानीय नगर थाना क्षेत्र में अवस्थित,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रअंबेडकर नगर के नजदीक परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया गया,जिसका उद्घाटन,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने किया।इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी,डॉक्टर रमेश चंद्र ने कहा कि जिले के बढ़ती जनसंख्या पर रोकथाम के लिए लोगों का भागीदार बनाना पड़ेगा,उन्होंने आगे कहा कि प्राय ऐसा देखा जाता है कि महिलाएं परिवार नियोजन में आगेआती रहती हैं,परंतु अब परिवार नियोजन में पुरुषों को भी नसबंदी में भाग लेने की आवश्यकता प्रतीत हो रही है,क्योंकि पुरुष नसबंदी कम समय व बिना चीर फाड़ के आसानी से हो जाने वाली प्रक्रिया हो गई है।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने संवाददाता को बताया कि परिवार नियोजन केअस्थाई साधन हर स्वास्थ्य केंद्र एवं आशा दीदी के पास उपलब्ध है,लोगों को जनसंख्या नियंत्रण हेतु जागरूक करना बेहद जरूरी है,तभी बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाई जा सकती है। जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़ा में आशा,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जीविका दीदी व स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से सरकारी अस्पतालों में महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबंदी कराई जाती है।महिला बंध्याकरण से पुरुष नसबंदी की प्रक्रिया सरल है।पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है,इस भ्रम को तोड़ना होगा। छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुष को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है। डीसीएम,राजेश कुमार और पी पीएसआई के प्रतिनिधि, प्रताप सिंह में संवाददाता को बताया कि अस्पतालों में निशुल्क प्रसव की प्रक्रिया की जाती है,साथ हीआर्थिक सहायता भी दी जाती है,जिसका लाभ सभी को उठाना चाहिए। नसबंदी के लिए पुरुष लाभार्थी को ₹3000,महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को ₹2000 की प्रोत्साहन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है। मौके पर बीएचएम,रिंकी कुमारी, प्रखंड परिवार नियोजन सलाहकार, अमित, डॉक्टर अभिषेक रंजन, एएनएम,पूनम कुमारी वअन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
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