अंजुम शहाब की रिपोर्ट
मुज़फ्फरपुर, बिहार।
मुजफ्फरपुर जिले में खेती किसानी को एक नया आयाम देने के लिए समेकित कृषि प्रणाली के तहत जीविका से जुड़े किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य खेती आधारित अन्य गतिविधियों को जोड़कर किसानों की आमदनी को बढ़ाना है। मछली पालन, बकरी पालन, पशुपालन और तकनीकी खेती के आधार पर अपनी आमदनी को बढ़ाने के साथ ही आचार मुरब्बा का उत्पादन और बिक्री के साथ ही किसानों को डीप इरीगेशन और सिंचाई विभाग के साथ ही अन्य सरकारी विभागों की योजनाओं का उन्हें लाभ पहुंचाना है ।इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए तकनीकी विशेषज्ञ दीपू कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पूरे देश में इस तरह की कार्यशाला चल रही है। जिसमें बिहार के सात जिले शामिल है। मुजफ्फरपुर में सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिले का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न हुआ है। जिसमें सभी तरह के कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई है। और सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ ही पशुपालन और उन्नत किस्म की खेती की कार्य योजना बनी है ।इस कार्यशाला के बाद किसानों को काफी फायदा होगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी प्रकार के अपशिष्ट का इस्तेमाल खेती के साथ किया जा सकता है ।जिससे उर्वरा और पशुओं के लिए चारा भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इस कार्यशाला में सीतामढ़ी के डीपीएम उमाशंकर भगत और उनकी पूरी टीम, मुजफ्फरपुर से कृषि प्रबंधक कुणाल किशोर ,सिद्धार्थ कुमार ,राज कुमार, अंबरीन आज़ाद, निशांत कुमार बीपीएम नागेंद्र कुमार ,प्रणव कुमार अर्चना, कुमारी मोहम्मद कैफ और अन्य सहयोगी संस्था के सदस्य और कई जीविका कर्मी उपस्थित थे।
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