शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
स्थानीय जिला उपभोक्ता आयोग के कार्यालय में एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने यह फैसला सुनाया है,आयोग केअध्यक्ष,गिरीश मिश्रा ने संवाददाता को बताया कि महिला डॉक्टर,मनु प्रियदर्शनी को इलाज में लापरवाही करने पर दोषी पाया गया,साथ ही शिकायतकर्ता,ललिता देवी को डेढ़ लाख रुपया मुआवजा के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया।आयोग ने शारीरिकऔर मानसिक पीड़ा के बाद व्यय के रूप में अलग से ₹50 हजार भुगतान करने का भी आदेश दिया। सुना गए फैसले में आयोग ने तीन माह के अंदर पूरा भुगतान करने की बात कही,आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता चटपटिया थाने के भैंसही निवासी,ललिता देवी है,उन्होंने 29 सितंबर 2011 को डॉक्टर,मनु प्रियदर्शनी को पैसे का भुगतान करअपना बंध्याकरण कराया था। 30 सितंबर 2011 को अधिक रक्तशराव होने के कारण डॉक्टर से शिकायत की गई,डॉक्टर ने ललिता देवी से 35 हजार रुपया इलाज के लिए लिया,मगर ब्लीडिंग रुकना बंद नहीं हुआ तो डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। पटना इलाज के दौरान वहां के डॉक्टरों ने कहा कि बेतिया के डॉक्टर ने बच्चेदानी में कैंची चला दी है,इसी कारणवश रक्त स्राव बंद नहीं हो रहा था, पटना से ललिता देवी ठीक होने पर,जिला उपभोक्ता आयोग मेंअपनी शिकायत दर्ज कराई थी,जिसकी सुनवाई पूरी करते हुए उपभोक्ताआयोग के अध्यक्ष ने डॉक्टर,मनु प्रियदर्शनी पर इलाज में लापरवाही बरतने में दोषी पाते हुए लगभग ₹ 2 लाख का जुर्माना लगाया।
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