- भ्रष्टाचार के विरुद्ध सत्याग्रहियों के सत्याग्रह संकल्प का एक हजार दिन पार-रामचन्द्र दुबे
- भ्रष्टाचार बना प्रदेश सरकार के लिए लाइलाज-पवन कुमार गुप्ता
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध वर्ष 2021 से सत्याग्रह पर बैठे सत्याग्रहियों ने सत्याग्रह का दशवीं शतक लगा कर, 1001 दिन पार करते हुए आज तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि अब यह कहने से गुरेज नहीं किया जा सकता कि शासन प्रशासन में बैठे प्रत्येक व्यक्ति के रगो में भ्रष्टाचार का रक्त संचार हो रहा है जिसके कारण भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में या भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में सत्तासीन लोगों में इच्छा शक्ति की कमी हो गई है। यही कारण है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के रहते हुए भी जनहित के मुद्दे पर सत्याग्रहियों को सत्याग्रह संकल्प पर 1001 दिन पूरा होने के बाद भी सत्याग्रह करने पर विवश होना पड़ रहा है।
उपरोक्त के क्रम में जिला मंत्री रामचंद्र दुबे ने कहा कि निरंकुश भ्रष्टाचार का शासकीय प्रशासकीय तंत्र एक अमुक हिस्सा बन चुका है ऐसा लगता है कि राजनीतिक व्यक्तियों की भौतिक पिपासा एवं भौतिक राजनीति की पूर्ति के लिए सत्ता एवं राजनीति में बैठे लोग सर से पांव तक भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं, अन्यथा भ्रष्टाचार सभ्य समाज के लिए एक अभिशप्त बीमारी नहीं बनती।
सत्याग्रह पर बैठे कुशीनगर जिला अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता ने कहा कि देश और प्रदेश में भ्रष्टाचार का सफाया करना एक जटिल समस्या बन चुका है और इस जटिल समस्या का समाधान वर्तमान भौतिक राजनीति एवं आर्थिक पिपासा में डूबे राजनीतिक व्यक्तियों से संभव प्रतीत नही हो रहा है, ऐसे में संगठन द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जलाए गए अलख को प्रभावशाली बनाने के लिए आमजन को सड़कों पर उतरकर इंकलाब की आवाज बुलंद करनी होगी।
सत्याग्रह संकल्प में उपस्थित संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तबस्सुम, राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य सैय्यद वसीम इकबाल, महानगर अध्यक्ष संतोष गुप्ता, महानगर मंत्री शमशेर जमाखन, संत कबीर नगर जिला अध्यक्ष साहेब राम साहनी, चंद्रप्रकाश मणि, गिरजा शंकर चौधरी, वीरेंद्र वर्मा,योगेंद्र मिश्रा एडवोकेट पूर्व मंत्री जिला अधिवक्ता बार एसोसिएशन गोरखपुर एवं वीरेंद्र राय मौजूद थे।
IndiaKhabar is an independent online news portal committed to accurate, timely and responsible journalism.
© 2026 IndiaKhabar. All rights reserved.