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संस्कृत सौहार्द प्रतीक के रूप मनाया गया होली मिलन समारोह ।

जम कर उड़े अबीर -गुलाल अंधकार मय बना राधिका मैरेज हाल।

रिपोर्ट - धनंजय शर्मा

बेल्थरा रोड बलिया।

कस्बे के त्रिमुहानी निकट राधिका मैरिज हॉल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक के कार्यकर्ताओं द्वारा होली मिलन समारोह रविवार की शाम बड़े धूमधाम से मनाया गया।

  इस समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक के कार्यकर्ताओं द्वारा सांस्कृतिक लोक गीत का भी आयोजन किया गया था।जिसके द्वारा संगठन के लोगों सहित अन्य लोग भी शामिल होकर पारंपरिक होली गीतों का आनन्द लेते दिखे।जबकि इसी कड़ी में विवेक श्रीवास्तव द्वारा प्रभु श्री राम जी 500साल के बाद आगमन के परिपेक्ष में उनको स्मरण करते हुए पुरानी होली गीत ---- होली खेले रघुबीरा अवध में, होली खेले रघुबीरा। बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री संजय शुक्ल(सह प्रांत कुटुंब प्रबोध) द्वारा चित्र के समीप दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन एवं पूजन के उपरांत प्रारंभ किया गया।साथ ही समारोह में शामिल सभी अतिथियों का परिचय संघ के नगर कार्यवाहक  पवन जी द्वारा कराया गया।इसी क्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लोगों ने पारंपरिक होली लोक गीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।तत्पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

  समारोह को आगे बढ़ाते हुवे मुख्य अतिथि श्री संजय शुक्ल ने विस्तृत जानकारी देते हुवे कहा की इन उत्सव और त्योहारों की हमारे जीवन में बहुत बड़ी भूमिका है और व्यक्तिगत जीवन में भी नहीं बल्कि राष्ट्रीय और सामाजिक जीवन में भी भारतवर्ष अति प्राचीन वर्ष है, हम सब लोग जानते हैं कि भारतवर्ष इसलिए कहा जाता है कि भारतवर्ष विश्व का हीरो है जब तक सृष्टि रहेगी तब तक भारत रहेगा ही रहेगा ,उन्होंने कहा कि इसमें संदेह नहीं होना चाहिए,हजारों संघर्षों के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई कि हम त्योहारों को खुले स्थानों में नहीं मना सकते थे, भारत विश्व गुरु था हम शक्तिशाली भी थे लेकिन देश और समाज की ऐसी स्थिति स्थिति हुई कि कुछ मुट्ठी भर विदेशी आए और संपूर्ण भारत पर छोटे-छोटे रूप में अपना प्रभुत्व जमा लिए, संपूर्ण भारत पर विदेशी का कभी-भी संपूर्ण शासन नहीं रहा न संपूर्ण भारत किसी विदेशी के अधीन रहा है, इसी प्रकार गति विधियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूरे विश्व को समाज नही बल्कि एक परिवार माना है समाज के लोग जो भी सोचे , लेकिन संघ परिवार के दृष्टि से ही पूरे विश्व को देखता है। इसके पश्चात संघ का विशेष कार्यक्रम अमृत वचन,एकल गीत भी प्रस्तुत किया गया।

   अंत में होली मिलन का उद्देश्य सार्थकता के आधार पर पारंपरिक होली की शुरुआत मुख्य अतिथि के साथ रंग,अबीर, गुलाल जम कर एक दूसरे पर लगाया। यही नहीं कार्यकर्ताओं ने अबीर गुलाल को इस तरह एक दूसरे पर उड़ाया कि पूरा हाल धुंध मय हो गया। जो देखने लायक था। साथ ही लोक गीत प्रस्तुत ----- सिया चलेली अवधा की ओर, होलिया खेले राम लला ----- के होली गीत पूरे हाल को भक्ति मय बना दिया।

  समारोह में मुख्य रूप से जय प्रकाश नारायण गिरी, दुर्गेश शर्मा,आलोक गिरी,राजेश गुप्ता डाफ्टमेन,संतोष यादव( प्रबंधक राधिका मैरेज हाल)रत्नमणि शर्मा,गोरख उर्फ ब्रजभूषण मद्धेशिया,हेमंत शुक्ला, मोहन मद्धेशिया,पवन कुमार,डाक्टर रमाशंकर सिंह,जितेंद्र सोनी, अनरुध गुप्ता,संजय श्रीवास्तव, अनुज , सतीश, अमित , पटेल जी, मनोज वर्मा ,सहित काफी संख्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण मौजूद रहे।

  अध्यक्षता डॉक्टर रामाशंकर सिंह तथा संचालन जय प्रकाश नारायण गिरी(प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर ) बिल्थरा रोड ने किया।

Karunakar Ram Tripathi
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