शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया,पश्चिमी चंपारण, बिहार।
स्थानीय नगर थाना क्षेत्र के बसवरिया माइकल कॉलोनी ज्ञानोदेय नगर निवासी, अखिलेश कुमार श्रीवास्तव के 22 वर्षीय पुत्र,राकेश श्रीवास्तव 22 वर्षों के बाद अपने घर लौटा,पिता ने पढ़ाई के लिए डांट पिलाई थी,इससे नाराज होकर पुत्र,राकेश श्रीवास्तव भाग गया था। पुत्र के लापता हो जाने के दो-तीन वर्षों तक इसकी तलाश की गई,मगर कहीं अता-पता नहीं चला तो परिवारजन इस पुत्र से सब्र कर बैठ गए,इसकी खोज बीन बंद कर दी।अचानक पुत्र 22 वर्षों को बाद किसी काम से बेतियाआया तो उसको अपनी मां बापऔर घर की सुध हुई।वह पता लगाते लगाते बीएसएनएल कार्यालय के बगल में पहुंचा,जहां उसके पिता इस कार्यालय में काम करते थे,और BSNL कार्यालय केआवास में रहते थे,उसने एक दुकानदार से अपने पिता के बारे में पूछा तो उस दुकानदार ने उसके पिता को फोन करके जानकारी दी। पिता ने अपने पुत्र को पाकर खुशी से फूले नहीं समाए,पुत्र को अपने घर बुलाकर ले गए, उसकी 22 साल की पूरी दास्तान सुनी, पुत्र ने बताया कि वह घर से भाग कर स्टेशन ट्रेन पड़कर सूरत पहुंच गया, जहां वह एक धागे की फैक्ट्री में काम करता है।
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