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रवीन्द्रनाथ टैगोर की लेखनी ने ही उन्हें विश्व जगत में गुरुदेव के नाम से चर्चित किया : डॉक्टर शशि भूषण

रिपोर्ट मोहम्मद आसिफ अता

हाजीपुर (वैशाली) जिला मुख्यालय हाजीपुर,मेदनीमल स्थित टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल के प्रांगण में टैगोर जयंती समारोह का आयोजन किया गया।इस समारोह का उदघाटन शिक्षाविद डॉक्टर शिव बालक राय प्रभाकर,सदर अस्पताल,हाजीपुर के पूर्व चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अमर आलोक, समाजसेवी रामानंद गुप्ता और विद्यालय निदेशक सह अध्यक्ष सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर बिहार डॉक्टर शशि भूषण कुमार ने संयुक्त रूप से किया।समारोह को संबोधित करते हुए डॉक्टर शिव बालक राय प्रभाकर ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर एक प्रखर वक्ता,कवि, साहित्यकार थे।उनकी बहुमुखी व्यक्तित्व को शब्दों में बांध पाना असंभव है।उन्होंने आगे कहा कि श्री टैगोर की कविताएं राष्ट्र प्रेम की चेतना जगाने वाली है।समारोह में उपस्थित डॉक्टर अमर आलोक ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर ने भारत के राष्ट्रगान जन-गण-मन की रचना की है।इसे संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया। उन्हें उनकी रचना गीतांजलि के लिए साहित्य का नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब मन लगाकर पढ़े और आगे बढ़े।समाजसेवी रामानंद गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि रवींद्र नाथ टैगोर बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।उन्हें साहित्य के प्रति विशेष लगाव था।हम सभी को साहित्य सृजन के विकास पर बल देना चाहिए।विद्यालय के निदेशक सह अध्यक्ष सार्क जर्नलिस्ट फोरम इंडिया चैप्टर बिहार डॉक्टर शशि भूषण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने साहित्य के क्षेत्र में काफी बेहतर कार्य किया है।उन्होंने आगे कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर के पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर बड़े समाज सुधारक थे।उन्होंने तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की थी।इनके बड़े भाई सत्येंद्रनाथ टैगोर भारत के प्रथम आईसीएस थे।साथ ही डॉक्टर कुमार ने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर की लेखनी ने ही उन्हें विश्व जगत में गुरुदेव के नाम से चर्चित किया।विद्यालय की प्राचार्या पिंकी कुमारी ने कहा कि हमें कौशल विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।उन्होंने बच्चों से अकादमिक पुस्तकों के साथ - साथ समाचार सुनने और पढ़ने पर बल देने को कहा।शिक्षिका रूबी कुमारी ने कहा कि हमें जीवन में हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और सच्चाई के मार्ग पर हमेशा चलना चाहिए।शिक्षिका सुष्मिता सिंहा ने कहा कि माता-पिता ईश्वर के रूप होते है।हमें हमेशा इनका कहना मानना चाहिए।समारोह में पत्रकार कुंदन कृष्णा, मोहम्मद साकिब,रेणु शर्मा,शबनम खानम,सुप्रिया कुमारी, जुली कुमारी,साक्षी प्रिया सहित सभी शिक्षक-शिक्षिका एवं बच्चे उपस्थिति थे।

Karunakar Ram Tripathi
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