बाघ पारिस्थिति तंत्र को स्वस्थ्य रखने के लिए बेहद जरुरी- डॉ अनिता अग्रवाल
पर्यावरणविद् माइक हरिगोविंद पाण्डेय की फिल्म ‘लुकिंग फॉर सुलतान’ का प्रदर्शन हुआ।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
बाघ हमारी खाद्य श्रृंखला के शीर्ष पर हैं। शाकाहारी जानवरों का शिकार कर हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को स्वस्थ्य रखने और उसकी विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी संख्या कम हो जाए तो पर्यावरण का संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि भारत में उनकी 6.1 फीसदी वार्षिक की दर से बढ़ोत्तरी पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतरी का संकेत है। यही नहीं, बाघ हमारी भारतीय संस्कृति में सदियों से भव्यता, शक्ति, सुंदरता और उग्रता का प्रतीक बन हिंदू पौराणिक कथाओं में देवी दुर्गा के वाहन के रूप में प्रतिष्ठित हैं। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत अब दुनिया के 70 प्रतिशत से अधिक जंगली बाघों का घर है।
यह विचार हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ अनिता अग्रवाल ने विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के उपलक्ष्य में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में पेटिंग प्रतियोगिता एवं फिल्म फॉर ह्युमैनिटी श्रृंखला की कड़ी में रणथभौर में लापता बाघ की कहानी, ‘लुकिंग फॉर सुलतान’ के प्रदर्शन समारोह को संबोधित कर रहीं थी। उन्होंने बताया कि साल 2006 में अखिल भारतीय अनुमान के मुताबिक भारत में 1411 बाघ थे लेकिन साल 2023 में यह आंकड़ा 3682 हो गया। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में साल 2014 में जहां 117 बाघ थे, 2022 में उनकी संख्या बढ़ कर 205 हो गई। उन्होंने छात्रों पृथ्वी को हर भरा रखने का संकल्प दिलाया, कहा कि जब पृथ्वी हरी भरी रहेगी तभी बाघ भी रहेंगे। बाघ बचेंगे तो हम भी बचेंगे। उन्होंने छात्रों पो पौधरोपण करने और प्रतिबंधित पालिथीन का इस्तेमाल न करने की शपथ दिलाई। हेरिटेज ने फिल्म फॉर ह्युमैनिटी श्रृंखला की कड़ी में रणथभौर में लापता बाघ की कहानी, ‘लुकिंग फॉर सुलतान’ का प्रदर्शन किया जिसे छात्रों ने काफी पंसद भी किया। कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ संचिता मुखर्जी ने भी छात्रों को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के प्रति जागरूक किया। हेरिटेज फाउंडेशन की पहल की भी सराहना की। इस दौरान हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे, डॉ रागिनी शाही, राहुल पाण्डेय, साहिल बेरा, प्रतिभा यादव, हर्षिता श्रीवास्तव, पवन शुक्ला, रिंकी पाल, तलत, हेरिटेज वरियर्स राशि पाण्डेय समेत अन्य उपस्थित रहे।
छात्रों ने पेटिंग से मुखर की बाघ संरक्षण की आवाज
बांघ संरक्षण विषय पर पेटिंग प्रतियोगिता में कक्षा 6, 7 और 8 के 250 के करीब छात्रों ने हिस्सा लिया। इस कड़ी प्रतियोगिता में कक्षा 6 के वेदांत राय प्रथम, द्वितीय नैनांश एवं तृतीय अर्नम प्रताप सिंह मिला। इसी तरह सातवीं कक्षा के आयुषी वर्मा, उन्नति मणी और जोहेब अब्बासी को क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार मिला। इसी कड़ी में 8वीं कक्षा के प्रतियोगियों में पवनी सिंघल को प्रथम, मौली पाण्डेय को द्वितीय एवं ऋषभ यादव को तृतीय पुरस्कार मिला।
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