नौशाद आलम
मधेपुरा, बिहार
महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार एवं जिलाधिकारी के निदेशानुसार बाल विकास परियोजना, शंकरपुर अन्तर्गत गरीबचन्द्र मध्य विद्यालय, मधैली बाज़ार, शंकरपुर में सोमवार को जिला प्रशासन, मधेपुरा द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र के लाभुकों, छात्र, छात्राओं, कस्तूरबा विद्यालय के छात्रों के बीच महिला हिंसा, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, भ्रूण हत्या, महिला हैल्पलाईन नंबर 181, आपातकालीत हेल्पलाइन नंबर 112 के बारे मे विस्तृत रुप से बताया गया। कार्यक्रम के अंत में जिन छात्राओं द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला हिंसा के बारे में बताया गया उन छात्र एवं छात्रों को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी -सह- नोडल पदाधिकारी श्रीमती रश्मि कुमारी ने कहा कि हिंसा की शुरुआत घर से होती है इसलिए सभी महिलाओं को अपने आप को मजबूत करने की आवश्यकता है। हिंसा होने पर महिलाएं सहें नहीं कहें और 181 पर कॉल करें। साथ ही कहा की भ्रूणहत्या एक अभिशाप है। इसके तहत पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत 3 से 5 साल का सजा एवं 10 से 50000 तक का जुर्माना हो सकता है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये बाल विकास परियोजना पदाधिकारी स्वाति कुमारी ने कहा कि शिक्षा मानव जीवन में सही दिशा ओर दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम को जिला परियोजना प्रबंधक अमन कुमार, प्रधानाध्यापक, शिक्षक दीपनारायण यादव, अमित कुमार, वॉर्डन मधु कुमारी ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक अंशु कुमारी, प्रखंड समन्वयक राजेश कुमार, महिला पर्यवेक्षिका रीता कुमारी, सेविका विनम, पुष्पलता, अनुराधा रानी संतोषी के साथ-साथ कई छात्र, छात्राएँ, शिक्षक, शिक्षिका, सेविका एवं ग्रामीण मौजूद थे।
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