नौशाद आलम
चौसा, मधेपुरा, बिहार
भारत का संविधान लोकतंत्र का गीता ,बाइबिल और कुरान है। जिस प्रकार हमारे अध्यात्मिक जीवन में धर्मग्रंथों की महत्ता है उसी प्रकार सामाजिक जीवन के लिए संविधान का महत्व है।उक्त बातें महादेव लाल मध्य विद्यालय चौसा के प्रधानाध्यापक छविनाथ पासवान ने कही। वे मंगलवार को विद्यालय में आयोजित संविधान दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को संबोधित करते हुए वरीय शिक्षक यहिया सिद्दीकी ने कहा कि हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसमें 470 अनुच्छेद, 12 अनुसूची तथा 25 भाग शामिल है।ज्ञातव्य हो कि विभागीय निर्देशानुसार आयोजित संविधान दिवस समारोह में शिक्षकों और छात्रों ने संविधान की प्रति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया तथा संविधान की प्रस्तावना का संकल्प भी लिया।मौके पर प्रधानाध्यापक छविनाथ पासवान, शिक्षिका मंजू कुमारी ,नुजहत परवीन , रीणा कुमारी, शिक्षक यहिया सिद्दीकी, प्रणव कुमार, राजेश कुमार,भालचंद्र मंडल, शमशाद नदाफ, शिक्षा सेवक लहटन ऋषिदेव, आईसीटी इंस्ट्रक्टर आशुतोष कुमार, शारीरिक शिक्षा व स्वास्थ्य अनुदेशक मनोज कुमार सहित छात्रगण उपस्थित रहे।
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