शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
नगर के सरीस्वा रोड बसंत विहार निवासी, शिक्षक, चंद्रभूषण पांडे के वाद की सुनवाई पूरी करते हुए जिला उपभोक्ताआयोग की दो सदस्य पीठ ने बिजली विभाग को सेवा में हुई त्रुटि का दोषी करार दिया है। आयोग ने शिक्षक,चंद्र भूषण पांडे से अर्थ दंड के तहत वसूली गई राशि 34 हजार 194 को 7% ब्याज की दर से जोड़ते हुए लौटाने व शारीरिक, मानसिक पीड़ा तथा वाद वय के रूप मे राशि के रूप में 25 हजार अलग से मुआवजा देने का आदेश दिया है। घटना के बारे में संवाददाता को पता चला है कि कनेक्शन विच्छेद का आवेदन देने के बाद भी कनेक्शन नहीं काटने और बाद में अर्थदण्ड लगाकर थाने में केस दर्ज कर देने का मामला है। शिक्षक चंद्र भूषण पांडे ने संवाददाता को बताया कि आयोग में वाद दायर की थी,कि वह कई वर्षों से सरिस्वा रोड स्थितअपने आवास में नहीं रह रहे थे,घर में ताला लगा रहता था,इसी कारण उन्होंने 4 जुलाई 2021 में विद्युत संबंध विच्छेद करने के लिएआवेदन बिजली विभाग में दिया था, बावजूद विद्युत संबंध विच्छेद नहीं किया गया,उलटे 19 मार्च 2023 को उनके विरुद्ध मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर दी गई,और उन पर 34 हजार194 रुपया अर्थ दंड भी आरोपित कर दिया गया,तब परेशान होकर शिकायतकर्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया,सुनाए गए फैसले मेंआयोग के अध्यक्ष, गिरीश मिश्रा ने वाद में बनाए गए विपक्षी, कनिए विद्युत अभियंताआपूर्ति, शाखा बेतिया शहरी तथा सहायक विद्युत अवर अभियंता,विद्युतआपूर्ति प्रमंडल बेतिया को मुख्य रूप से सेवा में त्रुटि किए जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है, जब के वाद में किसी विपक्षी बनाए गएअन्य विद्युत पदाधिकारी को निर्दोष माना गया है।
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