शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
वक्फ़ संशोधन बिल 2024 के विरोध में,जिला पदाधिकारी को इमारत सरिया बिहार, उड़ीसा, झारखंड की तहरीक औरअमीर शरीयत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी के निर्देश के आलोक में काजी शरीयत बेतिया,मौलाना मुफ्ती समसुल हक कासमी के नेतृत्व में पश्चिम चंपारण के जिम्मेदार उलमा, शिक्षाविद,शहर के गणमान्य व्यक्ति के साथ वकफ़ संशोधन बिल 2024 के विरोध में जिला पदाधिकारी,पश्चिम चंपारण दिनेश कुमार राय को 18 पेज का वक्फ संशोधन बिल 2024 के पूरे न्यायिक दफा से परिपूर्ण एक ज्ञापन समर्पित किया गया,जिसमें वक्फ संशोधन बिल के न्यायिक धाराओं से यह अवगत कराया गया कि वक्फ संशोधन बिल 2024 भारतीय संविधान के पूर्ण रूप से विरोध में है। न्यायिक धाराओं के सभी कानून का धज्जियां उडाते हुए अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार की बात करने वाले सभी न्यायिक अधिनियम 29/30धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देने वाले सभी कानूनीआर्टिकल 25/26 के अंतर्गत कानून की नजर में देश के सभी नागरिकों को बराबरी का हक दिलाने वाली आर्टिकल 14 और इसकेअलावा सभी आर्टिकल,19/21/32/300Aकी अनदेखी करते हुए इस बिल को लाया गया है, जो अमान्य है।वक्फ संशोधन बिल 2024 के कारण पूरे अल्पसंख्यक समुदाय के सभी संवैधानिक अधिकार कोअधिकार विहीन कर देने हेतु एक साजिश चल रही है,जो बिल्कुल ही मान्य नहीं होगी।जेपीसी के द्वारा इस बिल पर पूरी बहस चल रही है,और यह आशा भी व्यक्त की जा रही है कि जेपीसी कमेटी इस वक्फ़ संशोधन बिल 2024 को कभी भी मानयता नहीं देगी, और नहीं इसे संसद में रखने, पास करने की अनुमति भी नहीं देगी,और शायद यह बिल संसद से पास भी नहीं हो सकेगा,क्योंकि सभी विरोधी दल इसके पास होने के पक्ष में नहीं है।जिला पदाधिकारी को ज्ञापन समर्पित करने वालों में, इमारत सरिया बेतिया के काजी शरीयत बेतिया के अलावा,मौलाना महबूब आलम नोमानी, मौलाना नेयाजअहमद कासमी,मुफ्ती नौशादआलम कासमी, शफकत रेजा,मौलाना युसूफ मदनी,मौलाना तैयब हसन कासमी, मौलाना नफीस जुलकरनैन,मुफ्ती नौशाद आलम कासमी,डॉक्टर अमानूलहक, चीफ एडिटर, मौलाना जसीमुद्दीन, प्रधानाध्यापक, मदरसा इस्लामिया बेतिया केअलावा सैकड़ो की संख्या में शहर के गणमनय व्यक्ति उपस्थित थे।
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