शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया बिहार।
नगर में अवस्थित कालीबाग ओ पी थाना प्रभारी के द्वारा
पकड़े गए एक महिला और पुरुषअभियुक्त के साथ किए गएअमानवीय व्यवहार पर जिला सत्रन्यायाधीश ने सख्त कदम उठाते हुए,कालीबाग ओपी थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण की मांग की है, स्पष्टीकरण का जवाब 15
जनवरी तक निश्चित रूप से न्यायालय में सदेह उपस्थित होकर जमा करना है।इन पर आरोप है कि अभियुक्तों को पड़कर 24 घंटे के बाद न्यायालय में पेश किया है, उनके साथ मारपीट भी की गई है,इस पर न्यायालय ने सख्त कदम उठाया है। न्यायालय ने कालीबाग थाना कांड संख्या 2/25 से संबंधित है,जिसमें पुलिस नेअनीता देवी,रोशन जॉन को गिरफ्तार किया था।
न्यायालय के द्वारा नोटिस में कहा गया है कि कालीबाग थाना कांड संख्या 2/25 में गिरफ्तारअभियुक्त,अनिता देवी,रोशन जान को आपके द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने में समयअवधि 24 घंटे केअंदर नहीं कराया गया,साथ हीअभियुक्त रोशन जॉन के द्वारा गिरफ्तारी के समय मारपीट करने की भी बात कही गई है,जोकि विधि सम्मत नहीं है। इस प्रकरण में सीनियर वकीलों ने संवाददाता को बताया कि बेतिया पुलिस अभियुक्त के प्रति ऐसा व्यवहार करना विधि के विरुद्ध है,यह पुलिस की मनमानी का द्योतक है, गिरफ्तारअभियुक्तों के भी अपने फंडामेंटल राइट होते हैं, हवालात में उनके साथ मारपीट करना कहीं से विधि सम्मत नहीं है,यह कानूनन अपराध है,यह पुलिस की पहली बार नहीं,जहां पुलिस के मनमानी पर नोटिस जारी किया है। 2024 में ऐसे कई मामले न्यायालय में देखे गए जहां बेतिया पुलिस की मनमानी पर कोर्ट ने फटकार लगाई है,इसके बावजूद भी बेतिया पुलिस काआचार व्यवहार में बदलाव नहीं हो रही है। नए साल 2025 के चौथे दिन ही न्यायालय ने बेतिया पुलिस को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण की मांग कर दी है,इससे यह साबित हो रहा है कि बेतिया पुलिस खाकी का रॉब दिखाकर मनमानी कर रही है। सीनियर वकीलों का कहना है कि कानून समाज के सुरक्षा के लिए बनाया गया है,पुलिस को उसे खुद पालन करना है,यह सब पर लागू होता है।
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