धनंजय कुमार शर्मा
बलिया, उत्तर प्रदेश।
जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं, बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।
कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।
अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।
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