कम्बल-बर्तन के बदले जुटाते थे मोबाइल, देशभर में फैलाते थे साइबर ठगी का जाल
करुणाकर राम त्रिपाठी (सहायक संपादक )
महराजगंज, उत्तर प्रदेश
महराजगंज पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोगों से पुराने मोबाइल फोन के बदले कंबल या बर्तन देकर उन्हें इकट्ठा करता था और फिर इनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चनप्पा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
साइबर क्राइम थाना और थाना श्यामदेउरवा की संयुक्त टीम ने परतावल नहर पटरी से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त बिहार के पूर्वी चंपारण और मोतिहारी क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से इस नेटवर्क में सक्रिय थे।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि सरकार द्वारा IMEI नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद उन्होंने नया तरीका अपनाया।
वे गांव-गांव जाकर पुराने मोबाइल के बदले कंबल या बर्तन देते थे और बड़ी संख्या में मोबाइल इकट्ठा करते थे। बाद में इन मोबाइलों को कोलकाता भेज दिया जाता था, जहां से यह साइबर अपराधियों तक पहुंचते थे।
इन मोबाइलों के मदरबोर्ड में मौजूद IMEI का उपयोग कर OTP फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसे अपराध किए जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है जिसमें 318 एंड्रॉइड मोबाइल (लगभग 80 लाख रुपये कीमत) 110 मोबाइल मदरबोर्ड, 55 फर्जी बिल/पर्चियां, 5700 रुपये नकद और 5 मोटरसाइकिल बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने इस सफलता पर टीम को बधाई दी और कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि पुराने मोबाइल फोन बेचते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत या विश्वसनीय माध्यम से ही लेन-देन करें।
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