सैय्यद अनवर कादरी
छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
राज्य सरकार के जनहितकारी निर्णय के तहत अब पुराने निवासी अतिक्रमणों को नियमानुसार नियमित किया जाएगा। यह विशेष अभियान 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जाएगा। इसी संदर्भ में जिला कलेक्टर कार्यालय में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया।
जिला नियोजन सभागार में आयोजित इस बैठक में सभी उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, भूमि मापन कर्मचारी तथा नगरपालिकाओं के मुख्याधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अपर जिलाधिकारी संभाजीराव अडकुणे, निवासी उपजिलाधिकारी जनार्दन विधाते, उपजिलाधिकारी संगीता राठोड सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
अधिकारियों को बताया गया कि 1 जनवरी 2011 या उससे पहले हुए तथा वर्तमान में अस्तित्व में रहने वाले निवासी अतिक्रमण ही नियमित किए जाएंगे। यह योजना केवल आवासीय अतिक्रमणों के लिए लागू होगी। आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
आवेदन के लिए 2011 से पहले का मतदाता सूची में नाम, बिजली बिल, संपत्ति कर रसीद, ग्राम पंचायत 8-अ उतारा, अतिक्रमण सर्वे रिकॉर्ड या उपग्रह चित्र, कम से कम एक वर्ष का निवास प्रमाण तथा स्वघोषणा पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, अस्पताल, खेल मैदान, श्मशान भूमि, सार्वजनिक सुविधाओं की जमीन, वन क्षेत्र, सीआरजेड, बाढ़ रेखा क्षेत्र, गायरान भूमि जैसी संवेदनशील और सार्वजनिक उपयोग की जमीनें इस योजना से बाहर रहेंगी।
नियमितीकरण के बाद जमीन का अधिकार “भोगवटदार वर्ग-2” के रूप में दिया जाएगा। पांच वर्ष बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे “भोगवटदार वर्ग-1” में बदला जा सकेगा। आदेश की तारीख से पांच साल तक जमीन की बिक्री, किराये पर देना या हस्तांतरण प्रतिबंधित रहेगा।
योजना के अनुसार 500 वर्गफुट तक के अतिक्रमण निशुल्क नियमित किए जाएंगे। 501 से 1500 वर्गफुट तक के क्षेत्र के लिए बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा। यदि भूमि का व्यावसायिक उपयोग पाया गया तो 25 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। 1500 वर्गफुट से अधिक का अतिरिक्त हिस्सा नियमित नहीं किया जाएगा।
आवेदन मिलने के बाद भूमि अभिलेख विभाग द्वारा मुफ्त मापन किया जाएगा और 90 दिनों के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने बताया कि समयसीमा के भीतर आवेदन नहीं करने वाले और अपात्र अतिक्रमणों पर बाद में हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
शहरी क्षेत्र में लाभार्थी वार्ड अधिकारी, नगरपालिका/नगर पंचायत के मुख्याधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामसेवक के पास आवेदन कर सकते हैं। अंतिम निर्णय के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
अपर जिलाधिकारी अडकुणे ने सभी संबंधित विभागों को समयसीमा का पालन करते हुए अभियान सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए।
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