धनंजय कुमार शर्मा
बलिया। उत्तर प्रदेश
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया श्री अनिल कुमार झा के आदेशानुसार बुधवार को एडीआर भवन, दीवानी न्यायालय परिसर बलिया में "शिक्षा का अधिकार" विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) श्री चन्द्र प्रकाश तिवारी द्वारा किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए सचिव ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) भारत की संसद द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया था, जो 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि आरटीई अधिनियम का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। अधिनियम की धारा 12(1)(सी) के अनुसार गैर-अल्पसंख्यक निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए प्रवेश स्तर की कक्षाओं में कम से कम 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। साथ ही विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश दिलाने का भी प्रावधान किया गया है।
शिविर में विधि के छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों ने भाग लिया और शिक्षा के अधिकार से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान लोगों को बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
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