सैय्यद अनवर कादरी
छत्रपति संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
अनुसूचित जाति एवं नवबौद्ध वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजना के संबंध में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से स्वाधार योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को पहले सरकारी छात्रावास में प्रवेश हेतु आवेदन करना अनिवार्य होगा।
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, विद्यार्थी सीधे स्वाधार योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। पहले उन्हें सरकारी छात्रावास में प्रवेश के लिए आवेदन करना होगा। गुणवत्ता सूची के आधार पर जिन विद्यार्थियों का चयन छात्रावास में होगा, उन्हें वहां प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, जिन विद्यार्थियों को सीटों की कमी या मेरिट के कारण छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाएगा, केवल उन्हीं को स्वाधार योजना का लाभ दिया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो विद्यार्थी सरकारी छात्रावास के लिए आवेदन नहीं करेंगे, वे छात्रावास सुविधा और स्वाधार योजना—दोनों लाभों से वंचित रह जाएंगे। हालांकि जिन तालुकों में सरकारी छात्रावास उपलब्ध नहीं हैं, वहां इस नियम में कुछ छूट दी गई है। फिर भी भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए सभी पात्र विद्यार्थियों से आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।
पिछली परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पोर्टल https://hmas.mahait.org पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्कूल स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तथा कक्षा 11वीं, 12वीं और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
समाज कल्याण विभाग ने विद्यार्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
© Copyright All rights reserved by India Khabar 2026