अखिलेश्वर धर द्विवेदी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रथम छात्रसंघ अध्यक्ष दशरथ त्रिपाठी एडवोकेट 92 वर्ष गांव भवानीगढ उरूवा ब्लाक का हुआ निधन।
वृंदावन कालोनी राजेन्द्र नगर आवास काफी दिनों तक छोटे काजीपुर रहे।
डीडीयू में सत्र 1960 61 के छात्र संघ चुनाव में कत्तावार नेता शिवकुमार लाल को हराकर दशरथ त्रिपाठी स्वतंत्र छात्र संघ की प्रथम अध्यक्ष बने थे कैंपस के छात्रों के बीच क्वालीफाइंग स्पीच में चुनावी बयार का रुख मोड़ दिया था सेंट्रल न्यूज़ कॉलेज के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शिवकुमार लाल को विद्यार्थियों ने करीब 600 वोट से मात दे दी थी।
इसके अलावा इन्होंने 1962 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से बांसगांव का एमएलए का चुनाव लड़ा था जिसमें महत्व १०० वोटो से हार गए थे 1967 के अगली चुनाव में उन्होंने अपने कार्यकर्ता जगदीश सिंह को अपनी जगह टिकट दिलाया और वह विधायक बन गए पार्टी नेम इन्हें दोबारा टिकट देने का मन बनाया पर बांसगांव के लोग तब तक स्वर्गीय जगदीश की पत्नी मसाले देवी को चुनाव के लिए तैयार कर चुके थे सोशलिस्ट पार्टी परिवारवाद के खिलाफ थी 10 से त्रिपाठी ने खुद को चुनावी मैदान से बाहर कर लिया।
उनकी 92 वर्ष की आयु में अपने निजी आवाज राजेंद्र नगर में हुई।
इसके अलावा यह दो बार बार काउंसिल के महामंत्री वह एक बार बार काउंसिल के अध्यक्ष रहे अपने जीवन काल में यह तुलसीदास इंटर कॉलेज के मैनेजर तथा वी एस ए वी इंटर कॉलेज गोला के अध्यक्ष रहे। उनकी विचारधारा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे समय के मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव ने इन्हें समाजवादी पार्टी का प्रवक्ता बनने का न्योता दिया था जो की वैचारिक मतभेद होने के कारण इन्होंने ठुकरा दिया ।
1990 राम आन्दोलन में सपरिवार हिन्दू जागरण में लोकेश जी से प्रभावित होकर तथा राम मंदिर के सभी कायँक्रमों में भाग लेते रहे ।
बाद में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता
रह कर वर्तमान चुनाव का चिन्तन कर इन्होने महाप्रयाण किया।
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