रिपोर्ट :विनोद विरोधी
गया, बिहार।
तीन संतानों के रहते हुए भी एक 80 वर्षीय वृद्ध दंपति जिंदगी और मौत से जूझते हुए आज पिता ने दम तोड़ दिया है। जबकि मां इस वियोग में तड़प रही हैं। घटना जिले के बाराचट्टी प्रखंड के शर्मा बाजार का हैं, जहां आज पहले सुबह 80 वर्षीय राधे स्वर्णकार की मौत हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के तीन पुत्र हैं और वे टिकारी व गया शहर में अच्छे खासे व्यवसाय भी करते है ,लेकिन संपत्ति के विवाद में मृतक के तीनों पुत्रों ने आज तक उनके जीवन में झांकने तक नहीं आ रहे। बेवस व लाचार वृद्ध दंपति गांव वालों के आश्रय पर किसी तरह जीते रहे।विडम्बना है कि मृतक राधे स्वर्णकार के मौत पर तीनों में कोई बेटे मुखाग्नि देने को भी तैयार नहीं थे, लेकिन ग्रामीणों के दबाव पर मंझिलें बेटे ने अनमने ढंग से मुखाग्नि दी है।इसका मलाल गांव वालों को भी हैं। गौरतलब है की वृद्ध पिता बीते चार-पांच वर्षों से लकवा से पीड़ित थे जबकि मां कुंती देवी का पैर टूटा हुआ हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब पड़ोस के लोग खाने-पीने को देते थे तो उन्हें भी बेटों से अपशब्द सुनने को मिलता था।
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