रिपोर्ट:- विनोद विरोधी
गया।जिले में अवैध बालू खनन को लेकर प्रशासनिक नियंत्रण नाकाम होता जा रहा है। नदी से बालू उठाव के दौरान सरकारी नियम कायदे कानून सभी ताक पर रखकर संवेदक द्वारा सिर्फ अपने फायदे और हित की बात सोची जाती है। नियमों के अनुसार 3 फीट तक बालू का उठाव करना होता है और मानसून आने के पूर्व उसे लेबलिंग कर देना रहता है ताकि उसे गड्ढे से आम जनमानस को किसी प्रकार की हानि ना हो सके। लेकिन संवेदक द्वारा अपना हित सर्वोपरि देखकर नियम कानून कायदों को ताक पर रख दिया जाता है। जिले के खिजरसराय प्रखंड क्षेत्र के फल्गु नदी में बालू उठाव के कारण बने गड्ढे में आए दिन मौत की घटनाएं होती रहती है । पिछले दिनों देवगांव, तारका सहित अन्य स्थानों पर मौत की घटनाएं हुई है और कई बार तो सड़क जाम के कारण प्रशासन को सड़क जाम के कारण स्थिति का सामना भी करना पड़ा हैं।. मृतक को पारिवारिक लाभ सहित अन्य राशि दिए जाने पर सड़क जाम तो हट जाता है लेकिन खनन के लिए जिम्मेदार पदाधिकारी का ध्यान इस और नहीं जाता हैं। क्योंकि यह सरकार को राजस्व देने वाला विभाग माना जाता है। ताजातरीन खिजरसराय में फल्गु नदी से बालू का उठाव बंद हैं, लेकिन अवैध खनन के कारण बेलागंज -श्रीपुर पुल जो लोगों की लाइफ लाइन बना हुआ है उसे पुल के पाये के नीचे से भी लोग बालू का उठाव कर प्रशासनिक नियंत्रण को ठेगा दिखा रहे हैं। जबकि पुल से 100 गज की दूरी पर दोनों छोर से बालू का उठाव नहीं करना है। पुल का पाया बालू उठाव की कहानी कह रहा है। खिजरसराय थाने की पुलिस द्वारा इस पर नियंत्रण के लिए पुलिस की गाड़ी ही तैनात कर दी है।
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