फाटक बंद होने से शहर के नालों के पानी की निकासी पूरी तरह से बंद हो गई थी।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
राप्ती नदी की बाढ़ के पानी को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए नौशढ़ चौराहा से पश्चिम उत्तर मलौनी बंधे के पथरा पर लगे रेगुलेटर को सुबह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने बंद रेगुलेटर को अपने कर्मचारियों से खुलवाया। राप्ती नदी में बाढ़ आने के दौरान मलौनी बंधे पर बने रेगुलेटर को बंद कर दिया गया था जिससे बाढ़ का पानी शहर के अंदर ना आने पाए लेकिन बाढ़ खंड विभाग ने नौशढ़ चौराहा से पश्चिम उत्तर मलौनी बंधे के पथरा पर लगे रेगुलेटर को
बंद ही रखा बाढ़ खंड विभाग को यह नहीं मालूम की बरसात का पानी शहर में भरने के बाद कैसे निकलेगा लेकिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने सुबह बरसात में ही बांधों का निरीक्षण करने पहुंच गए तो देखा कि नौशढ़ चौराहा से पश्चिम उत्तर मलौनी बंधे के पथरा पर लगे रेगुलेटर बंद था जिससे शहर का पानी निकासी नहीं हो रहा था और शहर में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी जिसको तत्काल अपने कर्मचारियों के द्वारा बंद फाटक को तत्काल खुलवाया जिससे शहर का पानी राप्ती नदी में चला गया और जल जमाव की स्थिति समाप्त हुई। अगर समय रहते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने फाटक नहीं खुलवाया होता तो शहर वासियों को जल जमाव से निजात नहीं मिल पाता।
फाटक बंद होने से शहर के नालों के पानी की निकासी पूरी तरह से बंद हो गई थी। कई मोहल्लों में नालों का पानी फैल गया था फाटक खुलने से पानी का निकासी हो सका।
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