शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
केंद्र सरकार के द्वारा घोषित तीन अपराधिक नए कानून राजद्रोह से भी ज्यादा खतरनाक है,इस कानून के अंतर्गतआम जनता बहुत परेशान होगी,साथ ही पुलिस के शोषण का शिकार होंगी, इतना ही नहीं पुलिसआम जनता को परेशान करके रख देगी,साथ ही गरीब,लाचार,वृद्ध विकलांग पुरुष,महिलाएंअपने न्याय मांगने में बहुत सारी परेशानियों का सामना करेंगे l इस तीनों नयेअपराधिक कानून के कार्यान्वियन के विरोध में चारों ओर प्रतिवाद मार्च,धरना प्रदर्शन निकाला जा रहा है,इसमें कई विरोधी पार्टियों के नेता,सदस्य, कार्यकर्ता उपस्थित रहे l इन तीनों नये आपराधिक कानून केअंतर्गत भूख हड़ताल,धरना, प्रदर्शन जो लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा उस को अपराध माना गया है,आम जनता के सभी वैध अधिकारों पर अंकुश लग गया है, इस नए तीनोंआपराधिक कानून में पुलिस कोअपार शक्ति दी गई है,जिसका इस्तेमालआम जनता पर पुलिस शोषण के साथ करेगी,आम जनता अपनी न्याय के लिए तरसती रहेगी,पुलिस आम जनता को न्याय देने के लिए शोषण का हर रास्ता अपनायेगी l इस कानून के अंतर्गत पुलिस प्रशासन को अनियंत्रित शक्तियां दे दी गई है,जिनका देश में नागरिक स्वतंत्रताऔर मानवअधिकार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा lइस प्रतिवाद मार्च में,इंद्रदेव कुशवाहा, चांद मोहम्मद,अब्दुल खैर,जुलकर नैन,रविंद्र कुमार,बंधु राम, लक्ष्मण राम,अनिल कुमार इत्यादि उपस्थित रहे l मौके पर माले नेता सुनील यादव,नवीन कुमार,तारकेश्वर यादव, जोगिंदर यादव,मुजम्मिल अंसारी,जोखुप्रसाद,रिखी साह आफाकअहमद,रामचंद्र शाह, ओमप्रकाश क्रांति,ठाकुर पटेल इत्यादि लोगों ने संबोधित किया l
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