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पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए.जे.पी अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर सपा कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण किया।

सेराज अहमद कुरैशी 

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

 महान वैज्ञानिक, युवाओं के आदर्श व मार्गदर्शक, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न, ‘मिसाइल मैन’ के नाम से मशहूर डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम साहब की पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी के महानगर पूर्व सचिव आफताब अहमद एवं पूर्व पार्षद अफरोज उर्फ़ गब्बर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के साथ पौधारोपण किया गया।

      पौधारोपण के उपरान्त पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम साहब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए समाजवादी पार्टी के महानगर पूर्व सचिव आफताब अहमद ने कहा कि डॉक्टर कलाम साहब का जीवन हमें सिखाता है कि अगर हम मेहनत और लगन से काम करें तो हम अपनी मंजिल जरूर पा सकते हैं। हमारे पास कितने भी संसाधन क्यों ना हों, हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। 27 जुलाई को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम (अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम) की पुण्यतिथि मनाई जाती है। डॉ. कलाम को मिसाइल मैन भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक, पीपुल्स प्रेसिडेंट भी कहा जाता है। कलाम साहब देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान राष्ट्र निर्माता, तथा भारत रत्न से नवाजे गए थे। डॉ. अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम् के एक गांव में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था। उनका पूरा नाम ‘अबुल पक्कीर जैनुलआबेदीन अब्दुल कलाम’ था।

       डॉक्टर अब्दुल कलाम साहब का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। बचपन में दो वक्त की रोटी बड़ी मुश्किल से मिलती थी।

अब्दुल कलाम ने अपने घर परिवार में हाथ बटाने के लिए 8 साल की कम उम्र में सुबह तड़के उठकर अखबार भी बेचे। वे अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। डॉ. कलाम का बचपन में ही आत्मनिर्भर बनने की तरफ यह पहला कदम था। अपनी आरंभिक शिक्षा रामनाथपुरम के श्वार्ट्ज स्कूल से शिक्षा पूरी करने के बाद डॉक्टर कलाम साहब तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज गए। यहां से उन्होंने 1954 में फिजिक्स में ग्रेजुएशन की। डॉक्टर कलाम साहब ने अपनी मेहनत और लगन से मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

        डॉक्टर कलाम साहब वह व्यक्ति थें जो बनना तो पायलट चाहते थे लेकिन किन्हीं कारणों से पायलट नहीं बन पाए। उन्होंने भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया डॉक्टर अब्दुल कलाम साहब ने भारत में बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास में अहम भूमिका निभाई और उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम से जाना जाने लगा।   

       इस मौके पर आफताब अहमद, इम्तियाज़ अहमद, अफ़रोज़ गब्बर पूर्व पार्षद, मोहम्मद शाहिद, खालिक अली सोनू, शाकिर अली, मोहम्मद फारुख, विनोद यादव, विनोद विश्वकर्मा, सहाबुद्दीन अली, अनूप यादव, आमिर अंसारी, शाहिद अली मोनू वगैरह शामिल रहें।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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