रिपोर्ट - मनोज कुमार पाण्डेय
बलिया। सेवा ही मनुष्य का परम धर्म है।इससे बढ़ कर कोई धर्म नहीं है।जिससे ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं।क्योंकि मानव शरीर मिला है कल्याण करने के लिए। कहा गया है कि "परहित सरसि धर्म नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहीं अधिमाही " कर्तव्य ही धर्म है, सेवा ही पूजा है,प्रेम ही ईश्वर है, सत्य ही भक्ति है।
आगे भी कहा है -- तन पवित्र सेवा किए, धन पवित्र किए दान, मन पवित्र हरिनाम भजो, होत त्रिविध कल्याण। हृदय से सेवा में समर्पण से ही जीवन के लिए सार्थक होगा। बलिया की मिट्टी में जन्मे उच्च न्यायालय इलाहाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कुमार पांडे ने कहा, उच्च न्यायालय इलाहाबाद में वकालत करना एक चुनौती भरा काम है। बताते चले की पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विवेक पांडे वकालत करते हैं। अपने प्रतिभा और योग्यता के बल पर वकालत की दुनिया में इनका नाम बुलंदियों के आसमान पर है। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक पांडे उत्तर प्रदेश और बिहार की ज्युडिशरी परीक्षा में जज बनने से मात्र कुछ अंकों पिछड़ गए, वरना विवेक पांडे आज कहीं जज होते।
अधिवक्ता विवेक पांडे ने आज के युवा वर्ग को नसीहत देते हुए कहा कि कानून से खिलवाड़ ना करके अपने करियर पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फर्जी मुकदमें की बाढ़ हो गई। जिसकी वजह से सही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि कुछ गंदी मानसिकता के लोग सही लोगों पर फर्जी मुकदमा करके उन्हें परेशान करने का काम करते हैं। ऐसे लोग सभ्य समाज के लिए अभिशाप है। पांडे ने कहा आजकल के युवा वर्गों को नसीहत देते हुए कहा कि आज के युवा वर्ग अपने माता-पिता की इज्जत और अपने करियर पर विशेष फोकस करें। थोड़ी सी गलती कानूनी लफड़े में उलझा सकती है। गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक पांडे अपनी प्रतिभा और मेरिट के बल पर कई बड़े-बड़े मुकदमे में जीत हासिल कर चुके हैं।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लिए विवेक पांडे एक पॉपुलर चेहरा है। वे अपने व्यवहार कुशलता, संवेदनशीलता एवं प्रभावशाली व्यक्तियों के चलते आप जनमानस के हृदय पटल पर राज करते हैं। कानून के अच्छे जानकारों में इनका काफी बड़ा स्थान है। मूल रूप से बलिया जनपद के रेवती नगर पंचायत निवासी विवेक पांडे अपनी योग्यता और विनम्रता के लिए जाने जाते हैं। जो वर्तमान समय में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील के रूप में पॉपुलर पर्सनालिटी है। अंत में उन्होंने कहा की माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद की बदौलत इस मुकाम पर हूं। हाई स्कूल की परीक्षा पास करने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक पांडे ने अपनी पूरी पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। उन्होंने कहा कि पैसा कमाना मेरी प्राथमिकता नहीं है बल्कि, पीड़ितों को न्याय दिलाना ही मेरा मूल उद्देश्य है जिसके लिए मैं कृत संकल्पित हूं।
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