हिंदी और उर्दू मंच पर सामान्य रूप से स्वीकार किए जाते थे कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद-मिन्नत गोरखपुरी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
पूर्वांचल फिजियोथैरेपी वेलफेयर एसोसिएशन गोरखपुर द्वारा गोरखपुर सिविल लाइन स्थित आरपीएम अकादमी में कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक डॉक्टर राकेश सिंह बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य गोरखपुर शहर से संबंध रखने वाले साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाना है |
कार्यक्रम के संचालक मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद हिंदी और उर्दू दोनों मंचों पर समान रूप से स्वीकार किए जाते थे और वह हिंदी से ज्यादा उर्दू कहानियां के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध हुआ था | कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अरुण ब्रह्मचारी जी ने किया | मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
विशेष विशिष्ट अतिथि के रूप में वॉइस आफ पब्लिक सोशलिस्ट संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद खान"अख्तर अली,मोहम्मद फैज, मनोज श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे |
कार्यक्रम सह संयोजक डॉक्टर सरिता सिंह ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
डॉ रीना मिश्रा( देवरिया), शैलेंद्र असीम (कुशीनगर), किरण पांडेय, आशिया गोरखपुरी,गौतम गोरखपुरी , प्रेमलता रस बिंदु, नंद कुमार त्रिपाठी, नंदलाल मणि त्रिपाठी,डॉक्टर सत्यनारायण विश्वकर्म पथिक, एकता उपाध्यक्ष,दिनेश गोरखपुरी, कृष्ण श्रीवास्तव, राकेश सिंह, आदि ने काव्य पाठ किया|
इस अवसर पर प्रशांत पांडेय, मोहम्मद फैज आदि उपस्थित रहे |
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