बलिया में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मेडिकल कालेज की मांग
रिपोर्ट - धनंजय शर्मा
बलिया। बलिया जनपद आजमगढ़ मंडल का अत्यंत ही पिछड़ा जिला है जिसे गंगा और सरयू नदियों ने तीन तरफ से घेर रखा है। पश्चिम में मऊ जनपद की सीमा 65 किलोमीटर तथा देवरिया जनपद की सीमा 60 किलोमीटर की दूरी पर है। बलिया जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल कहने को तो 250 बेड वाला अस्पताल है, यहां प्रतिदिन लगभग 1000 मरीज देखे जाते हैं। ट्रामा सेंटर का भी यहां निर्माण हो चुका है। लेकिन यहां के 25 चिकित्सकों को गंभीर रूप से घायल मरीजों को केवल रेफर करने में महारत हासिल है केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 में देश के प्रत्येक जिला मुख्यालयों पर एक-एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई, परंतु आज तक मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन ही उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे जिले में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके।
बलिया जिले में मेडिकल कालेज के अविलंब स्थापना, बलिया जिला अस्पताल जो रेफर केंद्र के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुका है, में सामान्य चिकित्सा व्यवस्था और ट्रॉमा सेंटर को सुचारू रूप से संचालित करने की मांग को लेकर श्री सारथी सेवा संस्थान के संस्थापक संजीव गिरी आज बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अन्य जल त्याग कर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए। संजीव गिरी ने बताया कि जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को सुचारू से संचालन के साथ मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं होने तक अन्य जल त्याग कर उनका आमरण अनशन जारी रहेगा अब तो बलिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा या यहां से मेरी अर्थी उठेगी।
© Copyright All rights reserved by India Khabar 2026