शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
पश्चिम चंपारण जिला इन दिनों क्राइम का हब बनकर उजागर हो रहा है,क्राइम को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासनअक्षम दिख रही है,इसी के कारण क्राईम का ग्राफ इस जिला में चरम सीमा पर पहुंच गया है, पुलिस प्रशासन में अनेकों प्रकार के संसाधन,सुविधा, अस्त्र,शस्त्र रहने के बावजूद भी क्राइम पर नियंत्रण नहीं हो रहा है,जो जिला पुलिस प्रशासन के लिए बहुत ही शर्म की बात है,पुलिस प्रशासन इन सभी मामले मेंअक्षम नजरआ रही है।इस जिला में साइबर फ्रॉड,हत्या,लूट,चोरी,बाईक चोरी, एकनंबरया लॉटरी,जुआ, शराब,नशीली पदार्थ का सेवन नशीली दवाएं, चाकूबाजी, झपटामारी, रेप,बलात्कार, महिलाओं व पुरुषों की दिनदहाड़े हत्या,आत्महत्या, दहेज हत्या,बाइक दुर्घटना, जमीनी विवाद में हत्या, मारपीट,अपहरण,स्कूल कॉलेज छात्राओं के साथ छेड़खानी,जैसीअन्य घटनाएं चरम सीमा पर पहुंचकर इसकाअबअति हो रहा है।इन सभी बिंदुओं पर मीडिया के माध्यम से हजारों बार प्रशासन कोअवगत कराया जा रहा है,मगर ढाक के तीन पात वाली कहावत इस जिला में चरितार्थ हो रही है। पुलिस प्रशासन,जिला प्रशासन गहरी निंद्रा में सो रही है, बल्कि यूं कहा जाए तो ज्यादाअच्छा, मुनासिब होगा कि मुक्तदर्शक बनी हुई है।शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक यह सभी घटनाएंआम हो गई हैं,मगर प्रशासन है कि इन सभी घटनाओं पर पैनी नजर नहीं रख पा रही है,जिससे क्राइम नियंत्रण करने में विफलता नजर आ रही है,और पुलिस प्रशासन अपने टारगेट को हासिल करने में सक्षम नहीं हो पा रही है।
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