ब्यूरो चीफ़ नवेद आलम
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
देश के 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के जरिए निकाली गई शानदार तिरंगा यात्रा। मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया इमामबाड़ा दीवान बाजार से एक बहुत ही शानदार तिरंगा यात्रा निकाली गई जिसमें मदरसे के सभी छात्र शिक्षक गण और शिक्षणेत्तर कर्मचारी प्रधानाचार्य नज़रे आलम की अगुवाई में शानदार ढंग से तिरंगा यात्रा निकाली गई। सबसे आगे देश की आन बान शान हमारा प्यारा तिरंगा और पीछे-पीछे सारे छात्र- छात्राएं और शिक्षक हाथों में तिरंगा लिए हुए हिंदुस्तान जिंदाबाद भारत जिंदाबाद वंदे मातरम का नारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यह नजारा देखने लायक था । अपने संबोधन में मदरसा के शिक्षक मौलाना मोहम्मद रियाजुद्दीन ने विभाजन की विभीषिका को याद करते हुए बताया की लाखों लोग जब अपने आशियाने के लिए हिंदुस्तान से पाकिस्तान गए या पाकिस्तान से हिंदुस्तान आए तो उन बेकसूर और मासूम लोगों को अंग्रेजो द्वारा फूट डालो राज करो कि नीति के तहत मार दिया गया
शिक्षक नवेद आलम ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब पूरा देश आजाद होने ही वाला था तो अंग्रेजों ने कुछ असहिष्णु लोगों के साथ मिलकर एक चाल के द्वारा देश का बंटवारा कर दिया गया। एक कूटनीति के तहत पहले 14 अगस्त 1947 को देश के एक हिस्से को पाकिस्तान का नाम देकर आजाद कर दिया गया और 15 अगस्त 1947 को दूसरा हिस्सा हिंदुस्तान के नाम से आजाद कर दिया गया।इसलिए हर साल हम लोग 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका मनाते हैं और 15 अगस्त को आजादी का दिन मनाते हैं और अपने आन बान शान तिरंगे को अपने घरों पर लहराते हुए हम जश्न मनाते हैं।
इस मौके पर मदरसे के शिक्षक मुफ्ती अख्तर हुसैन, मौलाना निसार अहमद, कारी मोहम्मद अनीस, कारी मोहम्मद शरफूद्दीन , हाफिज रियाज अहमद , हाफिज मोहम्मद कासिम , हाफिज अबू अहमद, अब्दुल हमीद, मोहम्मद तलहा, मौलाना मोहम्मद इदरीस, कारी मोहम्मद इसहाक, हिमायतुल्लाह खान, मोहम्मद इस्माइल खान, मोहम्मद नसीम खान, आफताब आलम, मोहम्मद हाशिम, सबीह आजमी, हदीसुननिसा आदि तमाम शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।
इसी क्रम में जामिया अल इस्लाह एकेडमी गोरखनाथ से तिरंगा यात्रा निकाली गई जिसका मार्गदर्शन शिक्षक आसिफ मोहम्मद ने किया। इस यात्रा में विद्यालय के प्रबंधक समेत सभी छात्र छात्राए और शिक्षक शामिल थे।
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