दतिया। गत दिवस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभागार में मिडवाइफरी सर्विसेज संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता डॉ हेमंत मंडेलिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने करते हुए बताया कि मिडवाइफरी सर्विसेज के माध्यम से जिले की महिलाओं को लाभ मिल सकेगा। साथ ही मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु दर मर कमीं आएगी।
कार्यशाला में उपस्थित रेडक्रॉस सोसायटी सचिव पुनीत टिलवानी ने परियोजना के तहत दी जाने वाली सेवाओं की सराहना की। एमजीसीए सदस्य रामजीशरण राय ने क्षेत्रीय परिस्थितियों को विश्लेषित करते हुए मिडवाइफरी देखभाल सेवाओं को पीएचसी, सीएचसी स्तर पर विस्तारित करने की बात कही।
डीएचओ-1 व नोडल डॉ. नीलम मंडेलिया ने परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं एसएमटीआई कॉर्डिनेटर डॉ. मधुबाला गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को सकारात्मक प्रसव अनुभूति होगी।
रिसोर्स पर्सन/ मिडवाइफरी एजुकेटर सुश्री अनामिका मौर्य व कु सुमन राठौर ने पीपीटी के माध्यम से मिडवाइफरी सेवाओं की तकनीकी व्यापक जानकारी दी। रिसोर्सपर्सन्स के द्वारा प्रतिभागियों के प्रश्नों व जिज्ञासाओं के समाधान किए।
आयोजित कार्यशाला में गायनिक डॉ एसएस तोमर, प्राचार्य GNM श्रीमती लता शर्मा, सुश्री शार्लेट इवान बैरो प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इंक साथ ही सुश्री रीना अहिरवार, दीक्षा ऐड़े, किरण गौतम, रानी मोडिया, सरोज पांडेय, प्रतिमा गाड़े,रंजना गोटिया, आरती चौरासे सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। उक्त जानकारी नोडल अधिकारी मिडवाइफरी डॉ नीलम मंडेलिया ने दी।
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