शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
जिला में शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग से बहाल हुए कर्मियों,पदाधिकारी की सेवा 31मार्च2025 के बाद नहीं ली जाएगी।संवाददाता को इस बात की जानकारी शिक्षा विभाग के मध्यान्ह भोजन योजना के निदेशक,डॉ सतीश चंद्र झा ने मध्यान भोजन योजना के डीपीओ,कुणाल गौरव को पत्र लिखा है,जारी पत्र में निदेशक ने उपलब्ध कराए गए मध्यान्ह भोजन योजना में विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से पदाधिकारी, कर्मियों की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है।अब इस जिले में आउटसोर्सिंग से बहाल पदाधिकारी और कर्मियों को 31मार्च 2025 से कार्यमुक्त हो जाएंगे,इन्हें पिछले साल एजेंसी के माध्यम से शिक्षा विभाग में विभिन्न कार्यों के लिए रखा गया था। 1अप्रैल से शिक्षा विभाग इनसे काम नहीं लेगा,वहीं डीपीएम आईसीटी,डीपीएम प्रोग्रामर,अकाउंटेंट,सहायक एमटीएस,जैसे कई पदों पर बहाली हुई,इन कर्मियों से पहली अप्रैल2025 से कार्य नहीं लिया जाएगा, इसका कारण निदेशालय स्तर से बजट प्रावधान काअभाव बताया गया है। निर्देशक ने संवाददाता को आगे बताया कि बजटअभाव के कारण आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराए गए पदाधिकारी,कर्मियों की सेवा 31मार्च 2025 के बाद लेना संभव नहीं है,यदि सक्षम पदाधिकारी केआदेश के बिना 31मार्च 2025 के बाद सेवा ली जाती है तो इसकी जवाब दे ही स्वयं की होगी।150 कर्मी और पदाधिकारी आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर रहे कार्य शिक्षा विभाग में पूर्व से कंप्यूटरऑपरेटर आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए थे,इसके उपरांत पिछले वर्ष की वर्तमान अपर सचिव,के के पाठक के कार्यकाल में विभिन्न पदों पर आउटसोर्सिंग कर्मियों की बहाली की गई,जिन पदों पर आउटसोर्सिंग कर्मियों की बहाली की गई, कंप्यूटर ऑपरेटर केअलावा जिला स्तर पर डीपीएम प्रोग्रामर, प्रखंड स्तर पर बीसीएम व बीआरपी शामिल है,यदि एक ही साथ सभी को सेवा समाप्त किया जाता है,तो इनके रोजी रोजगार पर असर पड़ेगा, जिनकेअभाव में विभाग में कार्य प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
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