बरेली, उत्तर प्रदेश।
मुकद्दस रमज़ान की तैयारियों को लेकर आज दरगाह आला हज़रत पर दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना अल्हाज सुब्हान रज़ा खान(सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती में एक बैठक हुई। दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि बैठक सज्जादानशीन व तहरीक-ए-तहफ्फुज़ सुन्नियत(टीटीएस) के आलमी सदर मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी(अहसन मियां) की सदारत में तिलावत-ए-कुरान से हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए दरगाह के रज़ाकार हाजी मोहम्मद जावेद खान,शाहिद खान नूरी व परवेज खान नूरी ने ज़िला प्रशासन से मांग कि की रमज़ान माह में मुस्लमान रोज़ा रखकर दिन रात इबादत में मशगूल(व्यस्त) रहता है। पांच वक्त की नमाज़ के साथ रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष तरावीह नमाज़ के लिए मस्जिदों का रुख करता है। इसलिए हमारी ज़िला प्रशासन से मांग है कि इस पूरे माह विशेष कर जुमा को सभी प्रमुख दरगाहों,खानकाहों और छोटी-बड़ी मस्जिदों के अलावा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र पुराना शहर,हाजियापुर,जखीरा,जसोली, कंगी टोला,कटघर,किला,बाकरगंज,हुसैन बाग,आज़म नगर,मलूकपुर आदि में साफ-सफ़ाई के साथ चूने की व्यवस्था,इफ्तार व सहरी के वक्त पानी की सुचारू रूप से व्यवस्था की जाए। ताकि रोज़ेदार को किसी तरह की दिक्कत का सामना करना न पड़े। अजमल नूरी,औरंगज़ेब नूरी व ताहिर अल्वी ने कहा कि रात 8 बजे मस्जिदों में ईशा की नमाज़ अदा होती है इसके बाद तरावीह की नमाज़ शुरू होती है जो रात 11 बजे तक चलती है इसके बाद तड़के भोर में सहरी खाई जाती है। फज्र नमाज़ के बाद रोजेदार दरगाह आला हज़रत समेत अन्य दरगाहों पर हाजिरी देने जाते है। इसलिए इस माह सुरक्षा व्यवस्था खास कर मिली जुली आबादी में चाक चौबंद रखी जाए। जहां स्ट्रीट लाइट नही लगी है वहा नई और जो खराब पड़ी है इनको सही करा दिया जाए। ताकि अंधेरा का कोई खुराफाती फायदा न उठा सके। शान रज़ा,मंजूर रज़ा,मुजाहिद बेग, तारिक सईद आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस मौके पर अबरार उल हक, इशरत नूरी,सय्यद माजिद अली,नफीस खा,आलेनबी,साजिद नूरी,सुहैल रज़ा,साकिब रज़ा,शाद रज़ा,मोहसिन रज़ा,इरशाद रज़ा,जुहैब रज़ा,अशमीर रज़ा,नईम रज़ा,काशिफ रज़ा,सबलू रज़ा,गोलू रज़ा,आसिफ नूरी आदि लोग मौजूद रहे।
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