शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
इन दिनों जिला के राजस्व कर्मचारीयों की हड़ताल वेतन भुगतान के लिए चल रही है। जोअमानवीय के साथ,आम जनता के लिए बहुत ही कष्टदायक बन गई है।इन लोगों का हड़ताल जिस उद्देश्य से किया गया है,वह सरकार मानने पर विवश नहीं है,क्योंकि इन लोगों की आमदनी,सरकारी प्रतिमाह वेतन से 10 गुना नाजायज कमाई है,प्रति माह मिलने वाला वेतन का पैसा तो हर महीने खाता में जमा रहता है,महीना भर के ऊपरीआमदनी से काम आसानी से चल जाता है,बल्कि यू कहिए के लाखों लाख रुपया का महीना की कमाई,जो सुविधाशुल्क सेआ जाता है,हड़ताल तो मात्र दिखावा है,यह लोगअपने हड़ताल से बिना शर्त वापस होंगे,क्योंकि सरकार इनके कार्यशैली, कार्य कुशलता, लगनशीलता,काम निपटाने का तरीका जनहित में नहीं है,साथ ही खुलेआम जनता को परेशान करना,घूसखोरी करना,काम के लिए दौड़ाना, कई बिना कारण फाइल में आपत्ति लगाकर अवैध वसूली करने के नियत सेआम लोगों को परेशान करना प्रतिदिन की नियति बन गई है, इतना ही नहीं आम लोगों का फोन नहीं उठाना,उसका जवाब नहीं देना,मोबाइल बंद रखना, यह सबसे बड़ा विभागीय नियम का पालन नहीं करना है जिला के राजस्व कर्मचारी का हड़तालआम जनता के हित में नहीं है,जिस बिना पर यह कर्मचारी हड़ताल किए हुए हैं,यह सरासरअनुचित है।
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