शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
जिला के सरकारी कार्यालय, जिला प्रशासन कार्यालय, पुलिस प्रशासन कार्यालय एवं
अन्य कार्यालय के ऊपर बिजली विभाग का बिजली बिल का 51करोड़ों रुपया बाकी है।जिले के शहरीऔर ग्रामीण क्षेत्रों में इन कार्यालय पर इतनी अधिक राशि बकाया रहने पर भी बिजली विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है,ऐसा लगता है कि बिजली विभाग इन कार्यालय के पदाधिकारी के डर से कोई कार्रवाई नहीं कर पाती है।इसके विपरीत,आम उपभोक्ताओं के घरों,दुकानों, कारखानों,प्रतिष्ठान के बिजली बिल एक से दो महीने का बकाया रहने पर नोटिस की जाती है,इसके बाद विद्युत विच्छेद कर दी जाती है।
इतना ही नहीं,हैरत की बात यह है कि कई सरकारी कार्यालय पर प्रीपेड मीटरों का अधिष्ठापन भी नहीं हो सका है।बिजली विभाग के कमी के कारण भी सरकारी कार्यालय, निजी घरों पर बिजली बिल बकाया रह जाता है,अगर समय पर मीटर रीडिंग करने वाला व्यक्ति,मीटर रीडिंग करके बिल को समय पर उपभोक्ता तक पहुंच जाए तो उपभोक्ता समय पर पैसा जमा कर सकते हैं,बकाया नहीं रहेगा,मगर बिजली विभाग की कमी के कारण ही सभी उपभोक्ताओं के पास बिजली बिल बकाया रह जाता है।
एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक ने जिला पदाधिकारी को जिला के सभी सरकारी कार्यायलयों पर बिजली बिल बकाया की भुगतान करने का आग्रह किया है। प्रबंध निदेशक के अनुसार,पश्चिम चंपारण जिला में सरकारी कार्यालय पर लगभग 51 करोड़ 51 लाख 65 हजार 38 रुपया बाकी है।
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