रिपोर्ट मोहम्मद आसिफ अता
हाजीपुर (वैशाली) बिहार
न्याय के साथ विकास", " सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास" का दंभ भरने वाली डबल इंजन की एनडीए सरकार और मुसलमानो के वोट की चाहत रखने वाली जदयू पार्टी के हर दिल अजीज मुख्य मंत्री माननीय नीतीश कुमार की सरकार के तास्सुब परस्त अधिकारियों ने माहे रमज़ान के मुबारक मौके पर वैशाली जिले के जन्दाहा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जन्दाहा बाज़ार स्थित सदियों पुरानी कब्रिस्तान के दर्जनों से अधिक कब्रों को जबरदस्ती बुलडोज़र चलाकर कर रौंद दिया है।जिससे यहां के सैंकड़ो मुसलमानों के आस्था को चोट पहुंची है और यह काफी गुस्से में हैं।मुसलमानों का कहना है कि यहां हमारे पूर्वजों की सदियों पुरानी कब्रें यहां मौजूद हैं।जबकि हम मुसलमान यहां आज भी अपने परिवार के मैयत (मुर्दे) को दफन करते हैं।यह कब्रिस्तान हम मुसलमानों के आबा व अजदाद के कब्रों से भरा पड़ा है और हमारी आखरी मंजिल की जगह है।यह हमारी आस्था पर करारा प्रहार किया गया है।मुसलमानों ने बताया कि यह कब्रिस्तान वक्फ की संपत्ति है।जो हमारी निजी जमीन पर है।जिसका वक्फ बोर्ड पटना में रजिस्ट्रेशन भी है।इसको लेकर हम मुसलमान माननीय उच्च न्यायालय पटना में और वक्फ बोर्ड के मामले को लेकर बने ट्रिब्यूनल कोर्ट पटना में केस भी दर्ज करा चुके हैं जिसकी सुनवाई जारी है।बावजूद इसके जिला के तास्सुब परस्त अधिकारियों द्वारा बल पूर्वक हमारे पूर्वजों की आखरी निशानी कब्र को बुलडोज़र से रौंदते हुए कब्रिस्तान की पहचान मिटाने की कोशिश की गई है जो अति निंदनीय है।यह कब्रिस्तान हम मुसलमान किसी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहते है।सूत्र बताते हैं कि यह कब्रिस्तान के अगल बगल से भी बाइपास सड़क बनाया जा सकता है।जिसके लिए पर्याप्त जमीन मौजूद है।फिर भी जिला प्रशासन के तास्सुब परस्त अधिकारी जबरदस्ती कब्रिस्तान की पहचान नष्ट करने की साजिश कर बुलडोज़र चलाकर बाइपास सड़क निर्माण कराने पर तुले हैं।इस को लेकर मोहम्मद जमाल,मोहम्मद जमशेद,मोहम्मद मन्नान,मोहम्मद शफीक,मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद सज्जाद,मोहम्मद मुमताज,मोहम्मद शम्स उद्दीन आदि समेत सैकड़ों मुसलमानों ने बिहार सरकार के माननीय मुख्य मंत्री से लेकर राज्य के सभी उच्चाधिकारियों से इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए अविलंब सड़क निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है।
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