शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार
जिला के एक इंजीनियर, इमरानआलम जो नौकरी के बहकावे में म्यांमार पहुंच गए थे,भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की पहल के बाद उन्हें वहां से निकाल कर थाईलैंड एयरपोर्ट के रास्ते दिल्ली लाया गया।विदेश मंत्रालय के अनुसार इंजीनियर को डिजिटल सेल्स और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की नौकरी देने के लिए लालच दिया गया था,यह नौकरी फर्जी साबित हुई,और इन्हें अवैध रूप से सीमा पार कराकर म्यांमार ले जाया गया था।इस घटना के बारे में, संवाददाता को पता चला है कि बिहार राज्य के 10 अभियंता म्यांमार से मुक्त कराए गए हैं,जिसमें पश्चिम चंपारण जिला के इमरान आलम नमक अभियंता भी शामिल हैं,इसी क्रम में 287 इंजीनियर भारत के स्वदेश लौट गए हैं,जो बिहार के कटिहार,सिवान,समस्तीपुर, बेगूसराय, बक्सर,मुजफ्फरपुर, पटना के बताए गए हैं,इसके अलावा देश के अन्य राजयो के हैं।यह सभी इंजीनियर को भारत सरकार ने दिल्ली स्थित बिहार के स्थानिकआयुक्त कार्यालय को सौंप दिया गया, नई दिल्ली से सड़क मार्ग से इन्हें पुलिसअभिरक्षा में पटना के लिए रवाना किया गया है। स्थानिकआयुक्त कार्यालय में, बिहार पुलिस पहले से एक टीम मौजूद थी,वहीं डीएसपी के नेतृत्व में बिहार पुलिस की एक 15 सदस्य टीम भी दिल्ली पहुंची,इन इंजीनियरों को पटना लाने के लिए एक विशेष वाहन का इंतजाम किया गया,इसके साथ पांच पुलिसकर्मियों को भी रवाना किया गया है।गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव,अरविंद कुमार चौधरी ने संवाददाता को बताया कि म्यांमार से वापस बिहार के इंजीनियर को लाने के लिए दिल्ली स्थित स्थानिकआयुक्त को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। म्यांमार से रिहा हुए भारतीय इंजीनियरों में 39 उत्तर प्रदेश, 10 बिहार,शेष अन्य राज्यों के हैं। इन इंजीनियर को संबंधित प्रदेशों के राजधानी भेजा जा रहा है।
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